cy520520 • 2025-12-18 19:06:58 • views 498
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
जागरण संवाददाता, भभुआ। खेतों में फसल अवशेष जलाने वाले किसानों की सेटेलाइट से पहचान कृषि विभाग के माध्यम से की जा रही है।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 207 किसानों पर फसल अवशेष जलाने के मामले में कार्रवाई कर निबंधन को लॉक किया गया है। ये किसान अब कृषि विभाग की संचालित योजनाओं के लाभ से वंचित होंगे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि खेतों में फसल अवशेष नहीं जलाने की जागरूकता को ले गांवों में जागरूकता रथ को भेजा गया है।
बावजूद किसानों के द्वारा फसल अवशेष को जलाने का कार्य किया जा रहा है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया धान फसल के अवशेष जलाने वाले 207 किसानों की पहचान मुख्यालय के द्वारा की गई है।
इन सभी किसानों पर कार्रवाई करते हुए निबंधन लॉक किया गया है। उन्होंने कहा कि इन किसानों को कल्याणकारी योजनाओं का न तो लाभ मिलेगा और न ही धान की अधिप्राप्ति की जाएगी।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि भी नहीं मिलेगी। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि फसल अवशेष जलाने से 100 प्रतिशत नाइट्रोजन, 25 प्रतिशत फास्फोरस, 20 प्रतिशत पोटाश और 60 प्रतिशत सल्फर का नुकसान होता है।
साथ ही भूमि की संरचना में क्षति होने से पोषक तत्वों का समुचित मात्रा में स्थानांतरण नहीं हो पाता तथा अत्यधिक जलनिकासी नहीं हो पाती है। साथ ही मानव स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। अस्थमा जैसी सांस से संबंधित बीमारियों के मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। |
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