cy520520 • 2025-12-17 13:36:26 • views 1120
मैथन डैम की खूबसूरती का आनंद उठातीं छात्राएं। (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, मैथन (धनबाद)। झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित डीवीसी (DVC) का मैथन डैम पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। यहां सालभर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। खासकर दिसंबर और जनवरी में पिकनिक सीजन के दौरान पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में मैथन डैम की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन जाती है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
कनाडा और जर्मनी से आइ टी के सदस्य
कनाडा और जर्मनी की टीम ने किया सर्वे
मैथन डैम की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ के पास है। अब आधुनिक एआई तकनीक के माध्यम से डैम की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। डीवीसी के चेयरमैन एस. सुरेश कुमार के निर्देश पर मंगलवार को कनाडा और जर्मनी की छह सदस्यीय टीम मैथन पहुंची और आधुनिक एआई तकनीक से डैम की संरचनात्मक सुरक्षा का ड्रोन के जरिए सर्वे शुरू किया।
डैम की संरचना में कमजोरी का पता लगाया जा रहा
जर्मनी की एरियल इंटेलिजेंस कंपनी और कनाडा की निरीक्षण सॉफ्टवेयर कंपनी की टीम ने एआई तकनीक से लैस आधा दर्जन से अधिक ड्रोन कैमरों की मदद से मैथन डैम के चारों ओर जाकर सुरक्षा जांच शुरू की। इस दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि डैम की संरचना में कहीं कोई दरार या कमजोरी तो नहीं है। साथ ही भविष्य में डैम को बेहतर स्थिति में बनाए रखने और किन-किन स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है, इसका भी आकलन किया जा रहा है।
मैथन के साथ पंचेत और कोनार डैम का भी होगा सर्वे
इस टीम में भारत के एआई विशेषज्ञ भी शामिल हैं। मौके पर मौजूद कनाडा से आए सर्वेयर टर्नर गुलिकसन ने बताया कि डीवीसी ने उन्हें मैथन डैम के साथ-साथ पंचेत और कोनार डैम की सुरक्षा जांच का कार्य सौंपा है। पहले दिन मैथन डैम से सर्वे का कार्य शुरू किया गया है। इसके बाद पंचेत और कोनार डैम का भी सर्वे किया जाएगा।
सर्वे के दौरान यह आकलन किया जाएगा कि डैम की संरचना कितने समय तक सुरक्षित रह सकती है। यदि कहीं सुधार की आवश्यकता पाई जाती है तो उसकी विस्तृत रिपोर्ट डीवीसी को सौंपी जाएगी, जिससे डैम की प्रबंधन क्षमता को और बेहतर बनाया जा सके।
खामी की सूचना पर डीवीसी को तुरंत किया जाएगा सर्तक
उन्होंने बताया कि कनाडा में इस प्रकार के डैम सर्वे का उन्हें लंबा अनुभव है, जहां एआई तकनीक आधारित आधुनिक ड्रोन कैमरों के माध्यम से संरचनात्मक सुरक्षा की जांच की जाती है। इससे डैम में संभावित क्षति का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
किसी भी खामी के सामने आने पर तुरंत डीवीसी को सूचित किया जाएगा, ताकि समय पर मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य किया जा सके। इससे डैम के रखरखाव और प्रबंधन में काफी मदद मिलती है। सर्वे टीम में टर्नर गुलिकसन, आर्टम शेवचेंको, कुंजन पटेल, राहुल मकवाना, हेमंत देसाई और आर्ट टम शामिल हैं। |
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