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अब अस्थायी तौर पर शरणार्थी का दर्जा देगा ब्रिटेन, नीति में बदलाव की घोषणा

deltin33 2025-11-19 00:47:54 views 1238
  

ब्रिटेन ने नीति में किया बदलाव।  



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिटेन ने सोमवार को कहा कि वह शरणार्थी का दर्जा अस्थायी कर देगा और अवैध रूप से आने वालों के निर्वासन में तेजी लाएगा। यह बड़ा बदलाव वर्तमान प्रणाली के दुरुपयोग से निपटने के उद्देश्य से किया गया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

गौरतलब है भारत समेत विभिन्न देशों के लोग ब्रिटेन में वर्षों तक शरणार्थी के तौर पर रहते हैं। आव्रजन संबंधी चिंताओं के मद्देनजर लेबर पार्टी की सरकार ने आधुनिक समय की सबसे व्यापक शरण नीति में बदलाव की घोषणा की है। इसके तहत शरणार्थियों को स्थायी रूप से बसने के लिए प्रतीक्षा करने के समय को चार गुना बढ़ाकर 20 वर्ष करना शामिल है।
ब्रिटेन सरकार ने दी धमकी

ब्रिटिश सरकार ने यह भी धमकी दी कि यदि अंगोला, नामीबिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य ने अवैध प्रवासियों और अपराधियों की वापसी स्वीकार नहीं की तो उन पर वीजा प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। गृह मंत्री शबाना महमूद ने यूरोपीय मानवाधिकार कन्वेंशन (ईसीएचआर) की ब्रिटेन की अदालतों द्वारा व्याख्या करने के तरीके में बदलावों का प्रस्ताव पेश किया ताकि सरकार को इस बात पर अधिक नियंत्रण मिल सके कि ब्रिटेन में कौन रह सकता है।

प्रस्तावों के तहत, सरकार पारिवारिक जीवन के अधिकार को नियंत्रित करने वाले ईसीएचआर के अनुच्छेद आठ की व्याख्या को बदलना चाहती है। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि पारिवारिक संबंध का अर्थ निकटवर्ती परिवार, जैसे माता-पिता और बच्चे से है। इससे लोगों को ब्रिटेन में रहने के लिए संदिग्ध संबंधों का उपयोग करने से रोका जा सकेगा।
पीएम स्टार्मर ने क्या कहा?

इसमें यह भी कहा गया है कि ब्रिटेन समान विचारधारा वाले देशों के साथ मिलकर अनुच्छेद तीन के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगा, जो यातना पर प्रतिबंध लगाता है। कहा कि अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार के आधार पर निर्वासन को चुनौती देना बहुत आसान हो गया है।

प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन की वर्तमान शरण व्यवस्था शरणार्थियों के लिए महत्वपूर्ण आकर्षण है। ब्रिटेन की शरण व्यवस्था यूरोप के अन्य देशों की तुलना में अधिक उदार है।

उन्होंने कहा, इंग्लिश चैनल पार कर आने वालों की संख्या कम करना चाहते हैं, शोषण कम करना चाहते हैं और न्यायसंगत व्यवस्था चाहते हैं, तो हमें एक ऐसे दृष्टिकोण की जरूरत है जिसका प्रभाव अधिक मजबूत हो और नियम सख्ती से लागू हों।

मार्च के अंत तक के वर्ष में, 109,343 लोगों ने ब्रिटेन में शरण का दावा किया, जो पिछले 12 महीनों की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में आप्रवासन मतदाताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।

यह भी पढ़ें: सैकड़ों महिलाओं हवस का बनाया शिकार, अब चीन के दरिंदे को ब्रिटेन कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
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