ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स में सुविधा मिलेगी। (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, नोएडा। प्रदेश के शो विंडो शहर में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों के लिए राहत की खबर है। मरीजों को कीमोथैरेपी के लिए दिल्ली, लखनऊ या प्राइवेट अस्पताल के चक्कर काटकर जेब ढीली नहीं करनी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल के बाद ग्रेटर नोएडा के जिम्स में भी कैंसर डे केयर बनाने की कवायद तेज कर दी है।
बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने शासन को इस बाबत पत्र भेजा है। वहीं, जिला अस्पताल में डे केयर के लिए स्थान भी चिह्नित कर लिया गया है। माना जा रहा है कि अगले महीने से अस्पताल प्रबंधन को कीमोथैरेपी के लिए अत्याधुनिक मशीनें मिलनी शुरू हो जाएंगी।
बजट में हुई थी डे केयर बनाने की घोष
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने एक फरवरी 2026 को अपने बजट में विभिन्न राज्यों के जिला अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए डे केयर बनाने की घोषणा की थी। इसे देखते हुए दो दिन पहले यूपी में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष व स्वास्थ्य मंत्रालय के उच्च अधिकारियों ने प्रदेश के तमाम चिकित्साधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस की थी।
बताया कि इस बीच उच्च अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग को तेजी से कैंसर डे केयर बनाने के लिए निर्देश दिए। साथ ही आगे की प्रक्रिया से शासन को अगवत कराने के लिए भी कहा गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए डे केयर बनेगा। उसका स्थान भी चिह्नित कर लिया गया है।
शासन के अधिकारियों को इस बाबत रिपोर्ट भी भेज दी है। खास बात है कि ग्रेटर नोएडा स्थित गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस (जिम्स) में भी एक और कैंसर डे केयर बनाने की मांग शासन स्तर पर की गई है। उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। वहां मेडिकल सुविधा से लेकर विशेषज्ञ व वरिष्ठ चिकित्साधिकारियों की तैनाती भी है। ऐसे में डे केयर बनने से मरीजों को काफी लाभ होगा।
नोएडा एयरपोर्ट पर मरीजों को भी मिल सकेगा लाभ
स्वास्थ्य विभाग की मानना है कि जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहचान से उत्तर प्रदेश की छवि केवल देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी शान बढ़ाएगी।
भविष्य में एयरपोर्ट पर यदि किसी कैंसर मरीज की तबीयत बिगड़ती है या फिर वीवीआईपी व्यक्तियों को कीमाेथैरेपी की जरूरत होती है तो जिम्स में उनको समय पर इलाज की सुविधा भी दी जा सकेगी। इसके अलावा जिम्स में कैंसर डे केयर बनने से ज्यादा से ज्यादा मरीजों को सहूलियत देना भी है।
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