search

बाघ और कोबरा के जहर पर बच्चों ने पूछे ऐसे सवाल कि दंग रह गए एक्सपर्ट्स! पीलीभीत टाइगर रिजर्व में रोमांचक सफर

LHC0088 Yesterday 18:27 views 776
  

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में भ्रमण करने जाते छात्र छात्राएं। सौ से वन विभाग



जागरण संवाददाता, पीलीभीत। जंगल-जंगल बात चली है पता चला... मोगली व शेर खान को टेलीविजन पर देखने वाले बच्चे जब जंगल पहुंचे तो उनके मन में वन्यजीवों व जंगल को लेकर कई सवाल थे। मसलन, दीमक इतनी बड़ी बांबी कैसे बनाती है? कोबरा का जहर बाघ-तेंदुए को कितना नुकसान पहुंचा सकता है? जंगल में बाघों की संख्या कितनी है? इनकी पहचान कैसे होती है? जंगल व जानवरों के बारे में जानने की ऐसी जिज्ञासाएं लिए 300 विद्यार्थी गुरुवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) पहुंचे।

पीटीआर की ओर से स्कूली विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इसमें जिले के 10 विद्यालयों के वह विद्यार्थी शामिल रहे, जिन्होंने वर्ल्ड वेटलैंड डे में हुए कार्यक्रमों में सहभागिता की थी। इस दौरान विद्यार्थियों ने वन्यजीव संरक्षण पर तैयार पोस्टरों की सराहना की। शैक्षणिक भ्रमण प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह के निर्देशन में कराया गया।

  

सफारी वाहनों को प्रभागीय निदेशक भरत कुमार डीके ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीएफओ भरत कुमार डीके ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में वन एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ती है और वे भविष्य में वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।

जंगल भ्रमण के दौरान डब्ल्यूडब्ल्यूएफ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने विद्यार्थियों को जंगल में पाई जाने वाली विभिन्न वनस्पतियों की जानकारी दी। वन्यजीवों के बारे में बताया। सफारी के दौरान विद्यार्थियों ने बाघ, चीतल, सांभर, काकड़ एवं जंगली सूअर देखा। विद्यार्थियों ने दीमक की बांबी एवं घास के मैदानों के प्रबंधन को लेकर कई जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे।

  

विद्यार्थियों ने चूका ईको-टूरिज्म स्थल का भी आनंद लिया। सफारी वाहनों की व्यवस्था वन क्षेत्र अधिकारी सहेंद्र यादव ने कराई। इस दौरान प्रशिक्षु आइएफएस हिमांशु वावल, उप प्रभागीय अधिकारी रुद्र प्रताप सिंह सहित प्रमोद कुमार, सर्वेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, राहुल कुमार, राजेंद्र कुमार, लक्ष्मीकांत शर्मा आदि मौजूद रहे।
इन स्कूलों की रही सहभागिता

शैक्षणिक कार्यक्रम में अवध पब्लिक स्कूल, सिटी मांटेसरी स्कूल, लायंस बाल विद्या मंदिर स्कूल, कंपोजिट विद्यालय नकसा, कंपोजिट विद्यालय अशरफ खां, अंगूरी देवी बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज, रमलुभाई साहनी कालेज, ललित हरि आयुर्वेदिक कालेज, रानी अवंतीबाई जूनियर हाईस्कूल एवं आर्य कन्या इंटर कालेज के विद्यार्थी एवं शिक्षक शामिल रहे।

  


सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निश्शुल्क जंगल सफारी कराते हैं, जबकि निजी स्कूलों से मिनिमम चार्ज लगता है। इससे बच्चे जंगल और जंगली जीवों के बारे में बेहतर तरीके से सीखते हैं।

- मनीष सिंह, डीएफओ पीलीभीत टाइगर रिजर्व





यह भी पढ़ें- पीलीभीत टाइगर रिजर्व की दीवारों ने बोलना शुरू किया! राहगीरों को सिखा रहीं जंगल में जिंदा बचने के 51 मंत्र

  

यह भी पढ़ें- पीलीभीत टाइगर रिजर्व से आया दुर्लभ वीडियो: पहले नहीं देखा होगा रम्भा बाघिन और शावकों का ऐसा अंदाज   
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
166233