स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज यौन उत्पीड़न आरोपों पर उठाए सवाल।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रयागराज से बटुकों की मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि की चर्चा के बीच, काशी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आशुतोष ब्रह्मचारी के संबंध में बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के अनेक साधु संत उनके साथ खड़े हैं, लेकिन वे डरे हुए हैं। उनका कहना था कि जब एक हिस्ट्रीशीटर के साथ पूरी सरकार खड़ी है, तो साधु संत भी कैसे सामने आएं? स्वामी ने बताया कि कई लोग उन्हें फोन कर अपना समर्थन दे रहे हैं, लेकिन वे भयभीत हैं।
प्रयागराज में एक बच्चे के साथ यौन शोषण की पुष्टि की चर्चा सामने आने के बाद सवाल पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत प्रमाण स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि जब बच्चा आरोप लगाने वाले के साथ ही था, तो उनके साथ यौन अपराध अब और कैसे हो सकता है? इस संदर्भ में गुरुवार को श्री विद्यामठ में भी हलचल बनी रही। प्रयागराज की एक महिला द्वारा दो माह तक श्री विद्यामठ में रहने के दौरान लिफ्ट और स्विमिंग पूल के साथ शीश महल होने के आरोपों का उन्होंने खंडन किया। स्वामी ने कहा कि उक्त महिला का परिवार पहले से मठ से जुड़ा हुआ था, और वह कुछ समय के लिए आई थी, लेकिन उनसे उनकी कोई मुलाकात नहीं हुई।
यह भी कहा कि मठ में अधिक समय बिताने के कारण जब उन्हें मठ खाली करने के लिए कहा गया, तो संभवतः इसी वजह से वह महिला मठ के बारे में मीडिया में अनर्गल बयान दे रही हैं। दूसरी ओर, श्री विद्या मठ में गुरुवार को भी गहमागहमी बनी रही, जहां वकीलों के साथ अन्य भक्त भी उपस्थित थे। हालाँकि, प्रयागराज से पूछताछ के लिए पुलिस के आने का अभी भी इंतजार किया जा रहा है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि साधु संतों को डराने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे अपने विचार व्यक्त करने में हिचकिचा रहे हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि साधु संतों का समर्थन उनके साथ है, लेकिन भय के कारण वे खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं। इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच की प्रतीक्षा की जा रही है, जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि आरोपों की सत्यता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने साधु संतों की स्थिति को भी उजागर किया।  |