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जागरण संवाददाता, गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट/ अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह ने कोडीन युक्त कफ सीरप प्रकरण की सुनवाई करते हुए स्वास्तिक मेडिकल स्टोर सैदपुर के संचालक सर्वांश वर्मा निवासी संजयनगर पहड़िया वाराणसी की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने सवाल उठाया कि वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेेश शासन से जारी पत्र का सहायक आयुक्त औषधि, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन व औषधि निरीक्षकों ने अनुपालन नहीं किया। फर्जी ई वे बिल और बोगस फर्मों पर संपूर्ण ट्रांजक्शन का राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने प्रभावी पर्यवेक्षण नहीं किया। अधिकारियों की भूमिका को लेकर शासन को भेजने का आदेश दिया है।
मंगलवार को सर्वांश वर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि विवेचना के दौरान जिन ई-वे बिलों के आधार पर कोडीन कफ सीरप के परिवहन का दावा किया गया है, उन पर किसी भी वाहन स्वामी या चालक की रिसीविंग नहीं पाई गई। जिन वाहनों से माल ले जाने की बात कही गई, उनके स्वामियों ने बयान देकर किसी भी प्रकार के परिवहन से साफ इन्कार किया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित की फर्म से रांची की शैली ट्रेडर्स को विभिन्न तिथियों पर करीब दो करोड़ रुपये की धनराशि का ट्रांजेक्शन किया गया। राज्य कर विभाग से प्राप्त दस्तावेजों में एक ही तिथि पर अलग-अलग वाहनों से भारी मात्रा में कोडीन कफ सीरप की आपूर्ति दर्शायी है। कोर्ट ने सर्वांश वर्मा के प्रकरण में 20 जनवरी की तारीख निर्धारित की है।
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उधर, कोडीन कफ सीरफ के आरोपित शैली ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर भोला जायसवाल को वारंट बी के तहत अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह की अदालत में पेश किया गया। विवेचक देवेंद्र साहू भी कोर्ट में हाजिर हुए और विवेचना की प्रगति रिपोर्ट के बारे में अवगत कराया। अब भोला जायसवाल को 19 जनवरी को पेश किया जाएगा। |