जल्द ही खुदरा ग्राहक कर सकेंगे डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इस साल के अंत तक खुदरा ग्राहकों के लिए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को लॉन्च किया जा सकता है। अभी सीबीडीसी का इस्तेमाल बिजनेस टू बिजनेस (B2B) आधार पर किया जा रहा है।
हालांकि, वित्त मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि पिछले दो साल से सीबीडीसी का पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है और इस साल के अंत तक इसे खुदरा ग्राहकों के लिए लॉन्च किया जा सकता है। हाल ही में गुजरात के दो जिलों में मुफ्त राशन के लिए सीबीडीसी का इस्तेमाल शुरू किया गया है।
पुडुचेरी और चंडीगढ़ में CBDC का इस्तेमाल होगा शुरू
पुडुचेरी में भी इसी सप्ताह में मुफ्त राशन के लिए सीबीडीसी का इस्तेमाल शुरू होने वाला है। इसके बाद चंडीगढ़ व अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में मुफ्त राशन के लिए सीबीडीसी को लॉन्च किया जाएगा। इसके तहत मुफ्त राशन के लिए योग्य व्यक्ति के ई-वालेट में आरबीआई सीबीडीसी जारी करेगा।
यह एक कोड या क्यूआर कोड के रूप में होगा जिसे दिखाकर वह व्यक्ति राशन की दुकान में राशन ले सकेगा। राशन लेने के अलावा किसी अन्य काम में इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
सूत्रों का कहना है कि राशन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर डिजिटल करेंसी की शुरुआत कर इसका परीक्षण किया जा रहा है ताकि खुदरा ग्राहकों के लिए जारी करने से पहले इसकी पूरी तरह से परख हो जाए।
सूत्रों का कहना है कि इस साल अगस्त-सितंबर में भारत के नेतृत्व में ब्रिक्स देशों का सम्मेलन होना है और इस सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के बीच डिजिटल करेंसी के चलन की शुरुआत का प्रस्ताव रखा जा सकता है।
लेकिन यह ब्रिक्स के सदस्य देश ब्राजील, रूस, चीन व दक्षिण अफ्रीका के प्रयासों पर निर्भर करेगा। सिंगापुर के साथ भारत डिजिटल करेंसी में भुगतान को लेकर पायलट प्रोजेक्ट कर रहा है।
UPI के भुगतान के लिए सभी बैंक बनाएंगे अपना एप
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) को और आसान बनाने के लिए बैंक अपना एप बनाएंगे। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के योनो एप की मदद से ग्राहक सीधे तौर पर यूपीआइ भुगतान कर सकता है। उसे पेटीएम, गूगल पे जैसे किसी एग्रीगेटर की आवश्यकता नहीं होती है।
अन्य बैंक पर एप कर सकते हैं लॉन्च
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के मुताबिक अन्य बैंक भी इस प्रकार के एप लॉन्च कर सकते हैं। डिजिटल करेंसी का चलन भारत में लगातार बढ़ रहा है। बीच-बीच में यह भी खबर आती रहती है कि बड़ी रकम का यूपीआई भुगतान पर सरकार शुल्क लगा सकती है, लेकिन सरकार ने इस बात से साफ इंकार किया है।
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