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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को विधानसभा में महत्वपूर्ण घोषणा की। फाइल फोटो
डिजिटल डेस्क, फरीदाबाद। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को विधानसभा में महत्वपूर्ण घोषणा की कि गुरुग्राम को फरीदाबाद और नोएडा-ग्रेटर नोएडा से जोड़ने वाले 64 किमी लंबे नमो भारत आरआरटीएस/RRTS कॉरिडोर का अंतिम एलाइनमेंट मंजूर कर लिया गया है। यह परियोजना एनसीआर क्षेत्र में बड़ी संख्या में यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत लाएगी। खासकर, यह परियोजना गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के निवासियों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
कुल लंबाई: लगभग 64 किलोमीटर
हरियाणा में हिस्सा: 52 किलोमीटर (कॉरिडोर का अधिकांश भाग हरियाणा में)
एजेंसी: नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एनसीआरटीसी)
अगले कदम: विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द तैयार की जाएगी; एनसीआरटीसी को आवश्यक निर्देश जारी
गुरुग्राम में प्रस्तावित रूट
गुरुग्राम में यह कॉरिडोर आरआरटीएस-कम-मेट्रो सेक्शन के रूप में काम करेगा (लगभग 14.5 किमी), जो इफको चौक से शुरू होकर ग्वाल पहाड़ी तक जाएगा, जहां दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन से कनेक्शन होगा।
इन रास्तों से होकर गुजरेगी
इफको चौक (शुरुआती बिंदु)
सेक्टर 29
मिलेनियम सिटी सेंटर
सेक्टर 52
सेक्टर 57
सेक्टर 61/वजीराबाद क्षेत्र
ग्वाल पहाड़ी (समाप्ति और दिल्ली मेट्रो येलो लाइन इंटरचेंज)
यह रूट मौजूदा रैपिड मेट्रो और गुरुग्राम मेट्रो से जुड़कर यात्रियों के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित करेगा।
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#WATCH | Haryana CM Nayab Singh Saini announces the House.
He says, “Yesterday, the final alignment of the Namo Bharat RRTS corridor, connecting Gurugram to Faridabad and Noida-Greater Noida, was approved. Necessary instructions were issued to the NCRTC, the agency responsible… pic.twitter.com/4UuFt0hA2j— ANI (@ANI) February 25, 2026
फरीदाबाद में प्रस्तावित रूट
फरीदाबाद में कॉरिडोर प्रमुख इलाकों से गुजरेगा और दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन से जुड़ेगा।
इन रास्तों से होकर गुजरेगी
न्यू फरीदाबाद
एनआईटी
बाटा चौक
सेक्टर 12-15 (दिल्ली मेट्रो वायलेट लाइन कनेक्शन)
यह कॉरिडोर NCR के इन प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय को काफी कम करेगा, ट्रैफिक जाम से राहत देगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। 24 फरवरी 2026 को हुई बैठक के बाद यह मंजूरी मिली है। निर्माण कार्य दिसंबर 2026 से शुरू होने की संभावना है और लगभग 4.5 वर्षों में पूरा होने का लक्ष्य है।
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