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भागलपुर के पीरपैंती में स्वामी आगमानंद ने समझाया, कैसे तमोगुणी प्रवृत्ति से जीवन में आती है बाधा, क्‍या है मुक्ति का मार्ग

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भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड के सुंदरपुर शाखा कृषि मैदान में जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद महाराज का प्रवचन हो रहा है।  



संवाद सूत्र, पीरपैंती (भागलपुर)। भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड के सुंदरपुर शाखा कृषि मैदान में जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद महाराज के सानिध्य में हो रहे श्री श्री 1008 महारुद्र यज्ञ सह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। यज्ञाचार्य पंडित अनिरुद्ध शास्त्री व गौतम सामवेदी के नेतृत्व में वैदिक विद्वानों द्वारा विधिवत हवन-पूजन संपन्न कराया जा रहा है। पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया है।
मुख्य यजमान और श्रद्धालु

मुख्य यजमानों के रूप में राज आनंद, सिंपी कुमारी, अनिल कुमार साह, रेखा देवी, पप्पू मंडल, श्वेता देवी, उपेंद्र यादव सहित अन्य श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन में भाग लिया। यज्ञ स्थल पर मेले का आयोजन भी किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के झूले और दुकानों पर बच्चों और महिलाओं की विशेष भीड़ देखी जा रही है।
भागवत कथा में भगवान की महिमा

भागवत कथा के तीसरे दिन प्रवचन में जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान की लीला अगम और अपार है, जिसे कोई पूर्णतः नहीं जान सकता। बाल्यावस्था से ही भगवान को प्राप्त करने की भावना और भक्ति का भाव जागृत होना चाहिए।
बालक ध्रुव का उदाहरण

स्वामी आगमानंद ने बालक ध्रुव का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार अनेक विरोधों के बावजूद ध्रुव ने कठोर तपस्या कर भगवान को प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण जीवन में ईश्वर दर्शन का मार्ग प्रशस्त करता है और आने वाली बाधाओं को दूर करता है।
तमोगुणी प्रवृत्ति और जीवन के दुख

स्वामी आगमानंद ने जीव की तमोगुणी प्रवृत्ति और उसके कारण होने वाले दुखों पर प्रकाश डाला। स्वामी आगमानंद ने बताया कि तमोगुणी प्रवृत्ति वाले जीव संसार में अनेक प्रकार के दुख झेलते हैं। यह प्रवृत्ति व्यक्ति को आलस्य, मोह और अज्ञानता की ओर ले जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे जीवों को जीवन में संतुलित भक्ति और साधना की आवश्यकता होती है। जीव तमोगुणी प्रवृत्ति के कारण संसार में अनेक प्रकार के दुखों का सामना करता है।
यज्ञ समिति और सांस्कृतिक कार्यक्रम

इस अवसर पर प्रमुख रश्मि कुमारी, मुखिया अरविंद साह, यज्ञ समिति के अध्यक्ष पप्पू साह, सचिव रंजीत पासवान, उपाध्यक्ष गुंजन साह, उपसचिव अनिल राय व ऋषिकेश सिंह, कोषाध्यक्ष रोहित पासवान, उपकोषाध्यक्ष सूरज कुमार तथा अन्य सदस्य आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
रामलीला आयोज‍ित

रात्रि में वृंदावन से आए संतोष आचार्य के नेतृत्व में रामलीला मंडली द्वारा रामजन्म प्रसंग का मंचन किया गया। आकर्षक प्रस्तुति को देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ जमी रही। इस दौरान भजन गायक सुर भि‍खारी बलवीर स‍िंंह बग्‍घा, पवन दुबे, गौतम, नंदन, राजू आद‍ि वहां लोगों को भजन सुना रहे हैं।  
श्री श‍िवशक्‍त‍ि योगपीठ के सदस्‍यों की रही उपस्‍थ‍ित‍ि

स्वामी शिव प्रेमानंद महाराज भाई जी, स्‍वामी जीवनानंद, स्‍वामी मानवानंद, स्‍वामी तत्‍वानंद, कुंदन बाबा, न‍िर्भय कुमार स‍िंंह, व‍िनोद प्रसाद स‍िंंह आद‍ि वहां मौजूद थे। स्‍वामी आगमानंंद जी महाराज यज्ञ स्‍थल पर 27 फरवरी को वहां नए श‍िष्‍यों को आध्‍यात्‍मि‍क दीक्षा देंगे।     
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