फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों को छह साल हो गए हैं, लेकिन पीड़ित परिवार अभी भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं। फाइल फोटो
सौरभ पांडे, ईस्ट दिल्ली। CAA और NRC के खिलाफ फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों को छह साल हो गए हैं। 700 से ज़्यादा FIR दर्ज हुईं और 2,600 से ज़्यादा गिरफ्तारियां हुईं, फिर भी पीड़ितों के परिवार अभी भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं। ज़्यादातर केस कड़कड़डूमा कोर्ट में पेंडिंग हैं, जहां फैसला आना बाकी है।
दिल्ली पुलिस के डेटा के मुताबिक, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली दंगों में 53 लोग मारे गए और 581 घायल हुए। पीड़ितों का आरोप है कि हिंसा के बाद दर्ज केस और चल रही कोर्ट की सुनवाई की रफ्तार बहुत धीमी है। इसलिए, उन्हें अभी भी न्याय का इंतज़ार है।
एक नजर में खास आंकड़े
| विवरण | आंकड़ा | | कुल FIR | 758 | | कुल गिरफ्तारियां | 2,619 | | चार्जशीट फाइल की गईं | 414 | | सप्लीमेंट्री चार्जशीट | 460 से ज्यादा | | चार्जशीट वाले लोगों की संख्या | 2,400 से ज्यादा | | दोषी | 112 | | बरी | 20 | | मौतें | 53 | | घायल | 581 |
गिरफ्तारियां हुईं
| एजेंसी | गिरफ्तारियां | | जिला पुलिस | 2,174 | | क्राइम ब्रांच | 424 | | स्पेशल सेल | 21 |
अभी की स्थिति
- ज़्यादातर मामलों में ट्रायल चल रहे हैं
- 112 मामलों में सजा हो चुकी है
- 20 मामलों में आरोपी बरी
चार्जशीट कैसे फाइल की गईं
| एजेंसी | चार्जशीट | | कुल चार्जशीट | 414 | | जिला पुलिस | 368 | | क्राइम ब्रांच | 45 | | स्पेशल सेल | 1 |
अतिरिक्त: 460 से ज्यादा सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल की गईं
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