केंद्रीय कैबिनेट ने मेट्रो विस्तार समेत अहम रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर (Railway Infrastructure) को लेकर बड़े एलान किए हैं। दरअसल, केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet Decisions) ने रेलवे, अर्बन ट्रांसपोर्ट, एविएशन और कृषि सेक्टर के लिए कुल 12,236 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इसमें सबसे खास बात है कि आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 9,072 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन प्रमुख रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को अनुमति दे दी।
किस राज्य को क्या मिला?
कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रमुख रूप से मंजूर प्रोजेक्ट्स का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा, “केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5,236 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से गोंडिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दी। इसके अलावा, पुनारख और किउल के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को भी मंजूरी दी गई, जिसमें 2,668 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।”
रेलवे इन्फ्रा से संबंधित एक अन्य फैसले में, मंत्रिमंडल ने गम्हरिया और चंदिल के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दी, जिसकी परियोजना लागत 1,168 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में फैले प्रमुख खनिज और औद्योगिक गलियारों में भीड़भाड़ कम करना, माल ढुलाई क्षमता बढ़ाना और कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।
कब तक पूरा होगा काम?
आधिकारिक बयान के अनुसार, गोंडिया-जबलपुर दोहरीकरण, पुनारख और किउल के बीच तीसरी और चौथी लाइन, और गम्हरिया और चंदिल के बीच की लाइनें - भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 307 किमी की वृद्धि करेंगी और इन्हें 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
5,407 गांवों में बेहतर होगी कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत डिज़ाइन किए गए इन रेलवे प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य माल ढुलाई के कुछ सबसे व्यस्त मार्गों पर भीड़भाड़ कम करना और यात्री सेवाओं की विश्वसनीयता में सुधार करना है। खास बात है कि इन रेलवे प्रोजेक्ट्स के पूरा होने पर विस्तारित क्षमता से लगभग 98 लाख की संयुक्त आबादी वाले लगभग 5,407 गांवों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होने की उम्मीद है, साथ ही माल और यात्रियों दोनों की सुगम रेलवे आवाजाही सुनिश्चित होगी।
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इसके अलावा, एयरपोर्ट इन्फ्रा को बढ़ावा देते हुए मंत्रिमंडल ने श्रीनगर हवाई अड्डे पर एक नए एकीकृत टर्मिनल भवन के निर्माण को भी मंजूरी दी, जिस पर 1,667 करोड़ रुपये का खर्च होगा। इसके साथ ही शहरी परिवहन के मोर्चे पर कैबिनेट ने शहर में कनेक्टिविटी में सुधार के लिए 1,067 करोड़ रुपये की लागत से अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के फेज 2B के विस्तार को भी मंजूरी दे दी।  |