search

रेलवे अब एक एजेंसी को देगा ट्रेनों की सफाई और चादर-कंबल की जिम्मेदारी, OBHS नीति को मिली मंजूरी

Chikheang 2 hour(s) ago views 945
  



जागरण संवाददाता, रायबरेली। रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में साफ-सफाई, चादर-कंबल और यात्री सुविधाओं की मानिटरिंग के लिए आन-बोर्ड सेवा (ओबीएचएस) नीति को मंजूरी दे दी है। नई नीति से ट्रेनों में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और संबंधित कंपनियों की जवाबदेही भी तय होगी। यह व्यवस्था रायबरेली सेंट्रल, ऊंचाहार स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों में लागू होगी।

अभी तक ट्रेनों में सफाई और लिनेन के लिए अलग-अलग एजेंसियां काम करती थीं, जिससे जवाबदेही तय करना मुश्किल होता था। नई नीति के तहत, अब शुरुआत से अंत तक की पूरी जिम्मेदारी एक ही प्रतिष्ठित एजेंसी को दी जाएगी। रेलवे बोर्ड ने इस एजेंसी के चयन के लिए अनुभव और प्रतिष्ठा के कड़े मानक तय किए हैं।

एआई आधारित टूल्स से होगी जाएगी मॉनिटरिंग

इस सेवा की मानिटरिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित टूल्स से की जाएगी। सफाई कर्मियों को अपने काम की जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो एप पर अपलोड करनी होगी। सफाई का नया शेड्यूल और जवाबदेही नई नीति में सफाई का एक विस्तृत शेड्यूल भी जारी किया गया है। शौचालयों की सफाई सुबह छह से नौ बजे और रात आठ से दस बजे के बीच हर घंटे होगी। अन्य समय पर प्रत्येक दो घंटे पर सफाई की जाएगी।

  

रेलवे बोर्ड के निदेशक (पर्यावरण व गृह व्यवस्था प्रबंधन) लव शुक्ला ने उत्तर-मध्य रेलवे सहित सभी जोन को इस संबंध में पत्र जारी किया है। पहले चरण में हर जोन की पांच चुनिंदा ट्रेनों में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी, जिसमें रायबरेली से होकर गुजरने वाली वंदे भारत जैसी ट्रेनें भी शामिल होंगी। कर्मचारियों की योग्यता और दंड का प्रावधान नई नीति के तहत, कोच अटेंडेंट या सुपरवाइजर के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास और आईटीआई अनिवार्य कर दी गई है।

यह भी पढ़ें- 7 करोड़ से मंडल के सरकारी अस्पतालों के लिए खरीदे जाएगा रिएजेंट्स, 4 जिलों की लैब में बढ़ेगी जांच सुविधा

उन्हें सफाई के साथ-साथ प्राथमिक चिकित्सा और छोटे-मोटे रिपेयरिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यदि कोई स्टाफ यात्री से दुर्व्यवहार करता है या सफाई में लापरवाही बरतता है, तो संबंधित एजेंसी पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उसे ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।



नई नीति को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यात्रियों से स्टार-रेटिंग भी ली जाएगी, जिससे सर्विस देने वाली कंपनी का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार होगा। - शशिकांत त्रिपाठी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-मध्य रेलवे
  
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
167231