जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शिक्षा विभाग के अफसरों और बाबुओं की प्रताड़ना से तंग आकर फंदे पर लटके शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शिक्षक की पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर देवरिया की बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव, उनके कार्यालय में तैनात बाबू संजीव सिंह और अन्य सहयोगियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मृतक के सुसाइड नोट में इन लोगों पर 16 लाख रुपये लेने और उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। गुलरिहा पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान स्थित हरैया गांव निवासी कृष्ण मोहन सिंह अपने परिवार के साथ गुलरिहा के शिवपुर सहबाजगंज में रहते थे। उनकी पत्नी गुड़िया सिंह ने तहरीर में बताया कि उनके पति कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन, गौरी बाजार (देवरिया) में सहायक अध्यापक थे। वर्ष 2021 में तत्कालीन बीएसए की ओर से कराई गई जांच के बाद कई शिक्षकों पर एफआइआर दर्ज हुई थी।
हाईकोर्ट में लड़ रहे थे केस
इसके बाद से वे हाईकोर्ट में केस लड़ रहे थे। 13 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में आदेश दिया, लेकिन जब वे इस आदेश के अनुपालन के लिए बीएसए कार्यालय पहुंचे तो उन्हें नया संकट झेलना पड़ा। तहरीर के अनुसार, बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और बाबू संजीव सिंह ने कृष्ण मोहन से 16 लाख रुपये की मांग की। रुपये देने के बाद उनसे और रुपये मांगे गए।
बात न मानने पर फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी गई। 20 फरवरी 2026 को कृष्ण मोहन सिंह को बीएसए कार्यालय बुलाया गया। वहां उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और जेल भेजने की धमकी दी गई। शाम को घर लौटकर उन्होंने यह सब पत्नी को बताया। अगली सुबह उनका शव पंखे से लटका मिला।
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मरने से पहले उन्होंने चार पेज का सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें पूरे घटनाक्रम का जिक्र है। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, बाबू संजीव सिंह और अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। |