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अमेरिकी बाजार में फर्रुखाबादी फैशन का जलवा! ट्रेड डील के बाद महिला परिधानों के लिए मिले नए रास्ते

cy520520 1 hour(s) ago views 919
  



जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। व्यापारिक समझौते के बाद फर्रुखाबादी महिला परिधान अमेरिका के बाजार का हिस्सा बनेंगे। अमेरिका से अच्छे आर्डर मिलने की उम्मीद है, क्योंकि वहां के व्यापारी सैंपल मंगा रहे हैं। इससे शहर के कारखानों में मशीनों की गति तेज हो गई है।

यहां तैयार होने वाले परिधान विभिन्न देशों में निर्यात किए जाते हैं। कुछ स्थानीय कारखाना मालिकों ने दिल्ली व नोएडा में भी कार्यालय खोले हैं।

कुशन कवर, सजावट के सामान, रजाई का निर्यात अमेरिका में पहले से हो रहा था। ट्रंप के टैरिफ के कारण इस व्यापार पर असर पड़ा था, लेकिन फिर से व्यापारिक समझौता होने के बाद अब नये व्यापार का भी रास्ता खुलने जा रहा है।  

क्योंकि अमेरिकी व्यापारी फर्रुखाबाद में तैयार होने वाले महिला परिधान के सैंपल मंगा रहे हैं। शहर में लगभग 65 कारखानों में महिला परिधान तैयार किए जाते हैं।  

खास बात है कि शुद्ध सूती कपड़ों पर स्किन फ्रेंडली (त्वचा के अनुकूल) रंगों का इस्तेमाल कर बनने वाले यह परिधान भारतीय बाजार में तो खास जगह नहीं बना पाते हैं, लेकिन विदेश में इनकी मांग अधिक होती है।

यही कारण है कि परिधानों के निर्यात में सुविधा के लिए यहां के कई व्यापारियों ने दिल्ली और नोएडा में अपने कार्यालय बना रखे हैं। इन कार्यालयों के जरिए तकरीबन प्रति माह 100 करोड़ का कारोबार होता है।

पिछले दिनों अमेरिका से व्यापारिक समझौते के बाद निर्यातकों को एक नया स्थायी बाजार मिलने की उम्मीद जागी है।  

दावा है कि यह टैरिफ कटौती केवल लागत में कमी नहीं, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में जिले के परिधान निर्यात को सशक्त बनाएगी। यहां से यूरोप, ब्राजील, मैक्सिको, फ्रांस, जर्मनी, नैरोबी, इंग्लैंड, थाइलैंड, कनाडा आदि देशों में निर्यात होते हैं।


‘अमेरिका से 18 प्रतिशत टैक्स पर व्यापारिक समझौता होने से व्यापार बढ़ने की उम्मीद जगी है। सैंपल तैयार कराए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही अमेरिका से कारोबार शुरू हो जाएगा। इससे फर्रुखाबाद के गारमेंट्स को अच्छा बाजार मिलेगा। वहां भारतीय गारमेंट्स की मांग ठीक रहती है। इस संबंध में व्यापारियों से संपर्क हो रहा है। इसका असर अगले कुछ माह दिखाई देगा।’

संदीप साध, निर्यातक।

‘शहर के गारमेंट्स कारखानों में आर्डर के आधार पर महिलाओं के लिए स्कर्ट, कप्तान, पैजामा, प्लाजो, कुर्ती, तौलिया, शर्ट, पान्चो आदि कपड़े तैयार किए जाते हैं। अमेरिका से व्यापारिक समझौते के बाद अब कारोबार बढ़ने की उम्मीद जगी है। इससे स्थानीय लोगों को भी लाभ होगा और कारखानों में श्रमिकों की संख्या बढ़ेगी। दिल्ली व नोएडा के निर्यातकों से बातचीत चल रही है।’

नितांश साध, कारखाना मालिक
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