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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को लेकर क्या है तारिक रहमान सरकार का प्लान? इकलौते हिंदू मंत्री ने किया खुलासा

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बांग्लादेश के एकमात्र हिंदू मंत्री निताई रॉय (फाइल फोटो- इंटरनेट मीडिया)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में हाल ही में हुए चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने प्रंचड जीत हासिल की है। बीते मंगलवार को तारिक रहमान ने पीएम पद की शपथ ली। तारिक रहमान के साथ 50 मंत्रियों में एकमात्र हिंदू मंत्री निताई रॉय चौधरी ने भी शपथ ग्रहण की।

तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार में एकमात्र हिंदू मंत्री और बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी की केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष निताई रॉय ने कहा कि प्रशासन सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारत के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। निताई रॉय ने इस बात पर जोर दिया कि बांग्लादेश में कट्टरवाद को फैलने नहीं दिया जाएगा।

दरअसल, बांग्लादेश में हाल ही में हुए चुनाव में एकमात्र हिंदू मंत्री निताई रॉय मागुरा-2 निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है। टीओआई को फोन पर दिए इंटरव्यू में निताई रॉय ने कहा कि शेख हसीना के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने देश की संस्थाओं को तहस-नहस कर दिया था।

उन्होंने कहा कि अभी तक लगभग सब कुछ अव्यवस्थित था, नई सरकार बनाने के लिए चुने जाने के बाद, देश को वापस पटरी पर लाना हमारा कर्तव्य है।
जब हसीना देश छोड़कर भागी तब देश पूरी तरह टूट चुका था

निताई रॉय ने पूर्व सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, जब शेख हसीना 2024 में बांग्लादेश से भागीं, तब देश पूरी तरह से टूट चुका था। उन्होंने दावा किया कि सबसे बड़ा नुकसान शिक्षा व्यवस्था को हुआ है, अवामी लीग के शासनकाल में यह नीति बन गई थी कि योग्यता की परवाह किए बिना 98% छात्रों को परीक्षा में उत्तीर्ण कराया जाए।

यह सब झूठा दिखाने के लिए किया गया था कि छात्रों के उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ-साथ बांग्लादेश की साक्षरता दर भी बढ़ रही है। अवामी लीग सरकार के दौरान हर तरह के अश्लील नृत्य और संगीत के साथ-साथ गुंडागर्दी को बढ़ावा दिया गया, जबकि हमारे वास्तविक सांस्कृतिक मूल्यों को दरकिनार कर दिया गया।“

बांग्लादेश के एकमात्र हिंदू मंत्री निताई रॉय ने कहा, “बीएनपी अतीत की आलोचना में लिप्त नहीं होना चाहती, बल्कि बांग्लादेश को विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए नई आशाओं और सपनों के साथ आगे बढ़ने का लक्ष्य रखती है।“

उन्होंने कहा कि नई सरकार विविधता में एकता के सिद्धांत को कायम रखते हुए इन स्तंभों को पुनर्स्थापित करने का काम करेगी, जिसे अवामी लीग की नष्ट कर दिया गया था।
हिंदू बांग्लादेश का अभिन्न अंग हैं

वहीं, अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर निताई रॉय ने कहा, “हिंदुओं को यह एहसास हो गया है कि बांग्लादेश में कोई भी पार्टी उन्हें सिर्फ वोट बैंक के रूप में नहीं देख सकती। उन्हें यह महसूस हुआ कि वे इस बांग्लादेश का अभिन्न अंग हैं।

प्रधानमंत्री और अन्य बीएनपी नेताओं ने चुनाव से पहले हिंदू मतदाताओं से मुलाकात कर उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया था। उन्हें एहसास हुआ कि वे भी इस देश के स्वतंत्र नागरिक हैं और हमारे संविधान में उल्लिखित जीवन और आजीविका के समान अधिकारों के हकदार हैं। इसलिए, उन्होंने बड़ी संख्या में बीएनपी को वोट दिया, जिसके लिए हम आभारी हैं।“
भारत के साथ संबंध को लेकर क्या है?

भारत के साथ संबंधों को लेकर निताई रॉय ने कहा, “ भारत सहित सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध विकसित करना नई सरकार का कर्तव्य है। हम ऐसे संबंध चाहते हैं जिनमें आपसी सम्मान, हित और समझ हो। हम बांग्लादेश और भारत दोनों की आंतरिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर काम करेंगे।“

संस्कृति मंत्री के रूप में निताई रॉय ने कहा, “बंगाली संस्कृति समृद्ध है और बांग्लादेश के भारत सहित कम से कम 48 देशों के साथ सांस्कृतिक संबंध हैं। सरकार कट्टरपंथ से लड़ते हुए पिछली पीढ़ियों द्वारा निभाई गई परंपराओं पर ध्यान केंद्रित करके इन संबंधों को मजबूत करेगी। हम सब मिलकर एक बेहतर बांग्लादेश के लिए काम करेंगे।“

यह भी पढ़ें- बांग्लादेश चुनाव में तीन हिंदू भी जीतकर बने सांसद, पढ़ें किस पार्टी से थे उम्मीदवार और किसे हराया
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