बरेली कालेज
जागरण संवाददाता, बरेली। लाल रंग से सुशोभित ऐतिहासिक बरेली कालेज सबकुछ ठीक रहा तो केंद्रीय विश्वविद्यालय में तब्दील हो जाएगा। इसका प्रस्ताव शासन स्तर से गुरुवार को महाविद्यालय प्रबंधन से मांगा गया। इसके बाद से प्राचार्य स्तर से कालेज से जुड़ा डाटा जुटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस मुद्दे को एमएलसी बहोरन लाल मौर्य ने विधान परिषद में भी चर्चा के लिए रखा है, लंबे समय से कालेज के शिक्षक व कर्मचारी भी अलग-अलग मंचों से यह मांग कर रहे थे।
केंद्रीय विवि बनाए जाने की सुगबुगाहट से ही महाविद्यालय में खुशी का माहौल है। बुधवार को शासन से संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी की ओर से भेजे गए पत्र के बाद क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. सुधीर कुमार चौहान ने प्राचार्य और प्रबंध समिति सचिव से कालेज से संबंधित जानकारी मांगी है।
एमएलसी बहोरन लाल मौर्य व एमएलसी साकेत मिश्र ने विधान परिषद में \“बरेली कालेज को केंद्रीय विवि बनाने\“ विषय पर चर्चा का प्रस्ताव विधान परिषद सचिव को भेजा। इसमें कहा गया कि बरेली कालेज ऐतिहासिक संस्थान है। इसमें हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं।
इस महाविद्यालय में सभी विषयों की शिक्षा प्रदान किए जाने की व्यवस्था होने के कारण प्रदेश ही नहीं अन्य प्रदेशों और जिला से छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए यहां आते हैं। कालेज में सभी विषयों के संकाय, प्रोफेसर, छात्रावास की सुविधा है, जिसके कारण इस महाविद्यालय को ख्याति प्रदान है।
इसकी महत्ता को देखते हुए इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाया जाना आवश्यक है। इस महाविद्यालय में सभी जाति के छात्र-छात्राए समान शिक्षा ग्रहण करते है। बीते दिनों कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने भी यह मांग विधान सभा में भाषण के दौरान रखी थी।
हड़तालों में भी जकड़ी रही मांग
बरेली कालेज को केंद्र विवि बनाने की मांग लंबे समय से फाइलों में घूम रही है। यहां कालेज कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में लंबे समय तक हड़ताल की गई। नेताओं से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक को मांग पत्र दिया गया। कई बार अनशन भी हुआ। विद्यार्थियों और छात्र संगठनोंं की ओर से पूर्व में मुखर होकर कालेज को विवि का दर्जा देने का मुद्दा उठाया गया।
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