एआई जेनेरेडेट तस्वीर
राज्य ब्यूरो, जागरण लखनऊ। डिजिटल दौर में युवाओं खासकर महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। ‘एआई प्रज्ञा’ कार्यक्रम के तहत जहां अब तक 41 हजार से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, वहीं अब माइक्रोसाफ्ट के सहयोग से महिलाओं के लिए विशेष पहल ‘एआई करियर फार वुमेन’ (एआइसीडब्लू) शुरू की गई है। इसके तहत प्रदेश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में एआई लैब स्थापित की जा रही हैं।
प्रदेश में 10 लाख लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और साइबर सुरक्षा में प्रशिक्षित करने के लक्ष्य के साथ ‘एआई प्रज्ञा’ कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर है। इसी क्रम में एआइसीडब्लू शुरू किया गया है।
इसके अंतर्गत प्रदेश के इंजीनियरिंग संस्थानों में आधुनिक एआई लैब स्थापित की जा रही हैं। लखनऊ स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) और कानपुर के एचबीटीयू में इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एआई प्रज्ञा कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और विभिन्न वर्गों को नई तकनीक में दक्ष बनाना है, ताकि वे बदलते डिजिटल युग में बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
एआई प्रज्ञा की राज्य समन्वयक नेहा जैन का कहना है कि कार्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए माइक्रोसाफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम और वनएमवनबी जैसी वैश्विक कंपनियों को साझेदार बनाया गया है। इनके सहयोग से अलग-अलग वर्गों को व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण को तीन स्तरों में बांटा गया है। शुरुआती स्तर में ‘सभी के लिए एआई’ और ‘फंडामेंटल ऑफ एआई’ जैसे पाठ्यक्रमों से बुनियादी जानकारी दी जा रही है। मध्यम स्तर में एआई टूल्स का प्रैक्टिकल उपयोग और एडवांस स्तर पर इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को एआई मॉडल बनाना और उन्हें प्रशिक्षित करना शामिल है।
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