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नोमैपिंग वाले 2.87 लाख वोटर्स को सुनवाई में पेश होने से छूट, तार्किक विसंगति वालों को भी मिल चुकी है राहत

deltin33 Yesterday 17:27 views 223
  

प्रयागराज समाचार नोमैपिंग वाले वोटरों को सुनवाई से राहत मिल गई है।



जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (अभियान) में नोमैपिंग वाले वोटर्स को भी सुनवाई में पेश होने से निर्वाचन आयोग ने छूट दे दी है। जनपद में लगभग 2.87 लाख नोमैपिंग श्रेणी के मतदाता हैं। इससे पहले तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत होने से राहत मिली थी।
कौन है नोमैपिंग की श्रेणी में?

वर्ष 2003 और वर्ष 2025 की मतदाता सूची से जिन वोटर्स के नाम का मिलान (मैचिंग) नहीं हो सका है, उन्हें ही नोमैपिंग की श्रेणी में रखा गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन पूजा मिश्रा ने बताया कि नोमैपिंग वाले वोटर्स को जन्म, जाति प्रमाण पत्र या अंकपत्र अथवा पासपोर्ट ही बीएलओ को देने होंगे। सभी नोमैपिंग वाले वोटर्स को नोटिस भेजा जा चुका है, जिसकी सुनवाई भी चल रही है।
मतदाताओं को परेशानी हो रही थी

सुनवाई के लिए 12 ईआरओ तथा 344 एईआरओ रखे गए हैं, जिनके कार्यालय में नोटिस प्राप्त होने पर मतदाताओं को सुनवाई के दौरान पहले जाना पड़ रहा था। इनमें कुछ के कार्यालय दूर भी थे, जिससे मतदाताओं को परेशानी हो रही थी। इसी तरह जनपद में तार्किक विसंगति वाले 7.75 लाख मतदाताओं को भी पहले सुनवाई में जाने को कहा गया था। कुछ दिन पहले ही इन्हें व्यक्तिगत सुनवाई में पेश होने से छूट दी गई थी।
नोटिस पर सुनवाई 27 फरवरी तक होगी

इन मतदाताओं को भी नोटिस भेजा जा रहा है, जिन्हें अलग-अलग तारीख सुनवाई के लिए दी जा रही है। तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं के परिवार के सदस्य साक्ष्य के साथ सुनवाई में पेश हो सकते हैं। इससे उन तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को राहत मिल जाएगी, जो दूसरे शहरों में नौकरी अथवा व्यवसाय कर रहे हैं या दूसरे शहर में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। नोटिस पर सुनवाई 27 फरवरी तक होगी।
इन मतदाताओं को सुनवाई से छूट

ऐसे मतदाता जिनका छह जनवरी की आलेख्य सूची में नाम है और जिनकी मैपिंग तो हुई है लेकिन उनके पिता पिता के वर्ष 2003 से वर्ष 2025 की निर्वाचक नामावली में वर्तनी (नाम में) अशुद्धि होने के कारण पिता का नाम मिसमैच हो, तो ऐसे व्यक्ति जिसकी छह मतदाताओं से मैचिंग हुई है, उन्हें सुनवाई से छूट दी गई है।
इन्हें सुनवाई स्थल पर उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं

ऐसे मतदाता जिनके माता-पिता की उम्र में 15 वर्ष से कम का अंतर है, ऐसे वोटर जिनके माता-पिता की उम्र में 50 साल से अधिक का अंतर है या ऐसे मतदाता जिनके दादा-दादी की उम्र में 40 साल से कम का अंतर जैसी विसंगति पर नोटिस जारी किया है तो ऐसे मतदाताओं को भी सुनवाई स्थल पर उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।
मतदाताओं में उत्साह, चार लाख ने बदली अपनी फोटो

एसआइआर अभियान को लेकर मतदाताओं में भी उत्साह बढ़ने लगा है। चार लाख नौ हजार जागरूक मतदाताओं ने इस अभियान के दौरान अपनी फोटो बदलवाई है। इन मतदाताओं की वोटर लिस्ट में फोटो काली, धुंधली, साइज में छोटी या जादा पुरानी थी। इसके अलावा 87 हजार मतदाताओं ने अपने मोबाइल नंबर को अपडेट कराया है। दरअसल, निर्वाचन आयोग ने धुंधली अथवा अस्पष्ट फोटो और मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए किसी भी दस्तावेज देने से छूट दे दिया है।   
18 व 19 वर्ष के नए 10 हजार युवा बन गए मतदाता

जनपद में एसआइआर के दौरान 18 से 19 वर्ष के बीच लगभग 10 हजार युवा नए मतदाता बने हैं। इनके फार्म छह जमा करते ही वोटर बनने का अधिकार प्राप्त हो गया, जिनका नाम 10 मार्च को प्रकाशित होने वाली फाइनल मतदाता सूची में प्रकाशित भी हो जाएगा। अभियान के दौरान जिले में लगभग पौने तीन लाख नए मतदाता अब तक बनाए जा चुके हैं। वहीं 20 वर्ष तक 14 हजार तो 25 वर्ष तक के 68 हजार मतदाता जुड़े हैं।

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