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PTR में सफारी बुकिंग का झंझट: ऑनलाइन सुविधा न होने से मायूस लौट रहे पर्यटक, जानें क्या है पूरा मामला

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मुस्तफाबाद बुकिंग काउंटर पर लगी पर्यटकों की भीड़



बहजत खान, माधोटांडा। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में सफारी करने वाले पर्यटकों को अव्यवस्थाओं के चलते काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। भारत के अलग-अलग राज्यों से आने वाले पर्यटकों को यहां पर पर्यटन फुल होने की स्थिति में सफारी ही नहीं मिल पाती। दरअसल, पीटीआर में सफारी वाहनों को बुक करने के लिए आन लाइन सुविधा उपलब्ध नहीं है। यहां पर बुकिंग काउंटर पर ही सफारी बुक होती है।

पीटीआर का नाम देश दुनिया में विख्यात हो गया है। दुनिया भर के पर्यटक यहां पर आकर प्रकृति का नजारा देखते हैं। लेकिन जब जब यहां पर पर्यटकों की संख्या अधिक होती है या पर्यटन फुल हो जाता है, तो पर्यटकों को भारी दिक्कतों को झेलना पड़ता है। पर्यटकों की परेशानी की सबसे बड़ी वजह है कि यहां पर सफारी वाहनों की आन लाइन बुकिंग नहीं होती है।

सिर्फ वन निगम के छह सफारी वाहनों को ही आन लाइन बुक किया जाता है। जबकि टाइगर रिजर्व में लगभग 90 सफारी वाहन मौजूद हैं। इनकी बुकिंग कराने के लिए पर्यटकों को स्वयं बुकिंग काउंटर पर आना पड़ता है। ऐसे में जब शनिवार, रविवार या अन्य अवकाश के दिनों में पर्यटकों की संख्या अधिक या पर्यटन फुल हो जाता है।

इसके चलते दूर दराज से आने वाले पर्यटकों को बुकिंग काउंटर पर सफारी बुक करने के लिए लंबी लाइन लगाना पड़ती है। पर्यटन फुल होने की दशा में बाद में आने वाले पर्यटकों को सफारी वाहन नहीं मिल पाते हैं। ऐसी स्थिति में अधिकांश पर्यटकों को टाइगर रिजर्व में बिना सफारी के ही वापस लौटना पड़ता है।

सैकड़ो किलोमीटर का सफर तय करने के बाद जब यहां पर पर्यटकों को सफारी नहीं मिलती है तो वह मायूस होकर लौटते हैं। इतना लंबा सफर भी उनके लिए बेकार साबित हो जाता है। इस बार के पर्यटन सत्र के प्रारंभ होने पर प्रभागीय वनाधिकारी ने आन लाइन सफारी बुकिंग को शुरू करवाने के लिए प्रयास करने को कहा भी था लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

  


पीटीआर में वर्ष 2024-25 में 452 विदेशी पर्यटक पहुचे थे। पूरे पर्यटन सत्र में 56289 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया था। इस बार बीस हजार पर्यटक यहां आ चुके हैं। आन लाइन सफारी बुकिंग की सुविधा नहीं है। सिर्फ निगम की ही गाड़ियां आन लाइन बुक होती हैं। लेकिन सफारी की एडवांस बुकिंग प्रभागीय कार्यालय में जाकर हो जाती है।

- सहेंद्र कुमार यादव, महोफ रेंजर पीटीआर




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