दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून को आजीवन कारावास की सजा (फोटो- इंटरनेट मीडिया)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को दिसंबर 2024 में मार्शल ला लागू करने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायाधीश जी कुई-यून ने कहा कि उन्होंने यून को विद्रोह का दोषी पाया है।
न्यायाधीश जी कुई ने कहा कि यून ने नेशनल एसेंबली पर कब्जा करने, राजनेताओं को गिरफ्तार करने और बेलगाम सत्ता स्थापित करने के अवैध प्रयास में सेना और पुलिस बलों को जुटाया था। यून द्वारा इस फैसले के खिलाफ अपील किए जाने की संभावना है।
पूर्व रक्षा मंत्री भी शामिल
अदालत ने यून के मार्शल लॉ फरमान को लागू करने में शामिल कई पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारियों को भी दोषी ठहराया और सजा सुनाई। इनमें पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून भी शामिल हैं, जिन्हें इसकी योजना बनाने और सेना को जुटाने में उनकी केंद्रीय भूमिका के लिए 30 साल की जेल की सजा मिली।
वे उनके एजेंडे में बाधा डाल रहे थे
यून ने मार्शल लॉ फरमान का बचाव करते हुए कहा कि यह उदारवादियों को रोकने के लिए आवश्यक था। उन्होंने उन्हें राष्ट्र-विरोधी ताकत करार देते हुए कहा कि वे उनके एजेंडे में बाधा डाल रहे थे। यून को महाभियोग लगाकर 14 दिसंबर 2024 को पद से निलंबित कर दिया गया था और अप्रैल 2025 में संवैधानिक न्यायालय द्वारा औपचारिक रूप से पद से हटा दिया गया था। (समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ) |
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