लखनऊ स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस
जागरण संवाददाता, हरदोई। उत्तर प्रदेश में वीआईपी ट्रेन लगातार पत्थरबाजों के निशाने पर हैं। पत्थरबाजी की सर्वाधिक घटनाएं रायबरेली में दर्ज की गई हैं, लेकिन गुरुवार को हरदोई में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया गया। इस ट्रेन में आरएसएस के सर संघसंचालक मोहन भागवत के सवार होने के कारण यह प्रकरण बेहद गंभीर हो गया है। जीआरपी हरदोई ने मामले की जांच भी प्रारंभ कर दी है।
वाराणसी से मेरठ तक संचालित वंदे भारत एक्सप्रेस दोपहर में 1.50 बजे लखनऊ के प्लेट फार्म नंबर चार से मेरठ के लिए रवाना हुई। ट्रेन में आरएसएस के सर संघसंचालक मोहन भागवत सवार थे। ट्रेन में भागवत के सवार होने के कारण सुरक्षा काफी सख्त थी। आरएसएस के सर संघसंचालक मोहन भागवत के लखनऊ स्टेशन पर आगमन से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। मोहन भागवत के लखनऊ से मेरठ के लिए रवाना होने से पहले स्टेशन पर आरएसएस के कई पदाधिकारी और रेलवे अधिकारी मौजूद थे।
ट्रेन के लखनऊ के आगे रवाना होने के बाद अपनी स्पीड पकड़ी और इसके हरदोई स्टेशन के आगे बढ़ने के बाद कौड़ा में ट्रेन पर पत्थर फेंके गए। ट्रेन रफ्तार से आगे निकल गई, लेकिन जिला प्रशासन और जीआरपी में खलबली मच गई। जीआरपी ने बताया कि कुछ बच्चों ने ट्रेन पर शरारत में पत्थर फेंके, हालांकि इससे वंदे भारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इस पथराव की घटना की जांच की जा रही है।
वंदे भारत पर लगातार पथराव
13 मई 2025 को प्रयागराज से लखनऊ जाते वक्त ऊंचाहार और लक्ष्मणपुर स्टेशनों के बीच सवांपुर नेवादा के पास वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की गई थी।
20 मई 2025 को भी रायबरेली में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंका गया था. इस घटना में ट्रेन के गार्ड का केबिन क्षतिग्रस्त हो गया था।
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पांच मार्च 2025 को रायबरेली और 27 फरवरी को बछरावां और उतरेटिया स्टेशनों के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की गई थी।
अक्टूबर 2024 में नई दिल्ली से वाराणसी जा रही ट्रेन संख्या 22435 वंदे भारत ट्रेन पर कानपुर के पनकी रेलवे स्टेशन के पास पत्थरबाजी की गई। ट्रेन की कोच का शीशा भी टूट गया।
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2023 में गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत ट्रेन पर पथराव की घटनाएं हुईं। 11 जुलाई को अयोध्या के सुहावल स्टेशन के पास पथराव हुआ था। इसके अलावा तीन अगस्त को गोरखपुर जंक्शन के वाशिंग यार्ड में भी एक शीशा टूटा था। छह अगस्त को बाराबंकी के सफेदाबाद रेलवे स्टेशन के पास पथराव हुआ था, जिससे एक कोच के दो शीशे टूट गए थे।
15 सितंबर को मल्हौर स्टेशन पर भी पथराव किया गया था जिससे एक कोच की खिड़की क्षतिग्रस्त हो गई थी। |
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