जागरण संवाददाता, गोंडा। खिलौना तोड़ने के बाद मां की डांट के डर से सरसो के खेत में छिपे बच्चों को खोजने में पुलिस को 17 घंटे दिन रात एक करना पड़ा। वही परिवारीजन रोरोकर बेहाल रहे।
किसी अनहोनी की आशंका को लेकर उनके घरों के चूल्हे तक नहीं जले। घर से 200 मीटर की दूरी पर मंगलवार को सरसो के खेत से बच्चों को सकुशल बरामद करने के बाद परिवारीजन व पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। इसके बाद बच्चों के परिवारीजन की पुलिस अधीक्षक ने काउंसिलिंग की।
प्यार- दुलार से रखने के लिए परिवारीजन को प्रेरित किया। साथ ही बच्चों को उपहार भी दिया। खोडारे थाना के ढढुआ कुतुबजोत के बड़काडीह गांव के रहने वाले ओमप्रकाश ने तहरीर दी कि मंदिर के बगल उनका पौत्र दस वर्षीय विश्व प्रताप विश्वकर्मा, जगराम का सात वर्षीय बेटा कृष्णा शर्मा, संदीप का पांच वर्षीय बेटा शिवसंत उर्फ दिवांशु व अजय शर्मा का सात वर्षीय बेटा रितेश शर्मा खेल रहे थे।
सोमवार की शाम करीब पांच बजे से चारों लापता है। एसपी विनीत जायसवाल ने पुलिस टीमों का गठन कर परिवारीजनों के साथ सघन तलाशी अभियान चलाया। ग्रामीणों ने तालाब में बच्चों के डूबने की आशंका जताई।
इस पर रात में ही एसडीआरएफ टीम ने पंपिंग सेट लगाकर तालाब का पानी बाहर निकलवाया, लेकिन बच्चे नहीं मिले। रात अधिक होने के कारण अभियान बंद कर दिया गया। मंगलवार की भोर से दोबारा तलाशी अभियान शुरू किया गया।
करीब 17 घंटे की तलाशी के बाद चारों बच्चे गांव के पास सरसों के खेत में सोते मिले। उनको सीएचसी गौरा में चिकित्सीय परीक्षण कराया गया।
सभी स्वस्थ पाए गए हैं। एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि मां की डांट से बचने के लिए एक बच्चा अपने दोस्तों को साथ लेकर खेत की तरफ चला गया था। रात में घर न लौटने का सोचकर सब सो गए थे।
बच्चों को देखते ही रो पड़े स्वजन
बच्चों काे देखकर उनके स्वजनों की आंखों से आंसू निकलने लगे। दौड़कर बच्चों को उनकी माताओं ने गले लगा लिया। ग्रामीणों ने भी राहत सांस ली। जहां 17 घंटे पहले किसी अनहोनी की आशंका के चलते ग्रामीणों की नींद गायब हो गई थी, उन्हें सामने देखकर गदगद हो गए।
ओम प्रकाश ने बताया कि पौत्र विश्वप्रताप को समझाया है। अब वह उसे अपने पास रखेंगे। कृष्णा की मां सोनी ने कहा कि वह ऐसा नहीं जानती थी कि बच्चा भाग जाएगा। अब वह प्यार से बात करेंगी। इसी तहर दूसरे अभिभावकों ने भी बच्चों पर प्यार लुटाया। |
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