सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) विभाग ने कागजों में कारोबार दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करने वाली बोगस फर्म के संचालक के विरुद्ध लोहामंडी थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। फर्म ने वास्तविक आपूर्ति के बगैर वर्ष 2018-19 और 2019-20 में 4.57 कराेड़ रुपये की आईटीसी पास आन करने के साथ 5.07 करोड़ रुपये का आईटीसी क्लेम किया था।
इसका उपयोग फर्म ने अपनी करदेयता के निस्तारण में किया। सरकार को 5.07 करोड़ रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचाने वाली फर्म विभागीय रैकी व जांच में अस्तित्वहीन पाई गई। विभाग की शिकायत पर फर्म संचालक मोहित अग्रवाल के विरुद्ध धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेज की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
लोहामंडी थाना में फर्म स्वामी के विरुद्ध विभाग ने कराया मुकदमा
राज्य कर अधिकारी खंड-2 ओमप्रकाश सैनी ने पीपल मंडी भैंरों नाला के मोहित अग्रवाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। मोहित अग्रवाल ने 16 मार्च, 2019 को फर्म मैसर्स श्याम राधे ट्रेडिंग कंपनी पीपल मंडी भैंरों नाला का पंजीकरण कराया था। फर्म द्वारा अदरक, केसर, हल्दी, अजवाइन, कड़ी पत्ता, मसालों और अन्य की खरीद व बिक्री का काम दिखाया था।
पंजीयन के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय व्यापार स्थल के स्वामित्व के संबंध में टोरेंट पावर लिमिटेड के बिल का उपयोग किया गया। यह बिल फर्म स्वामी की मां के नाम था।
राज्य वस्तु एवं सेवा विभाग कर को रेकी व जांच में बंद मिली फर्म
फर्म स्वामी ने अपनी मां का किराये पर व्यापार करने का सहमति पत्र भी पंजीकरण करते समय लगाया था। विभाग द्वारा की गई रैकी में फर्म बंद मिली। जांच के समय भी ताला लटका मिला। कारोबारी ने पाेर्टल पर कोई अन्य ब्रांच व गोदाम घोषित नहीं किया था। एसजीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा की रेंज-बी ने 31 अगस्त, 2019 को फर्म की जांच की थी। मौके पर कोई काम होता नहीं मिलने पर फर्म का पंजीकरण 30 सितंबर, 2019 को निरस्त कर दिया गया था।
इनवर्ड सप्लाई की घाेषित
विभाग ने जांच में पाया कि फर्म ने वास्तविक आपूर्ति प्राप्त किए बगैर केवल कागजों का आदान-प्रदान करते हुए इनवर्ड सप्लाई घोषित की। बोगस इनवर्ड आपूर्ति के सापेक्ष आईटीसी प्राप्त कर उसका उपयोग अपनी आउटवर्ड सप्लाई की करदेयता के निस्तारण में किया। व्यापारी ने घोषित व्यापार स्थल से कोई व्यापार नहीं किया। आईटीसी का लाभ लेने के उद्देश्य से बिना माल के वास्तविक परिवहन के इनवाइस जारी कर और प्राप्त कर विभाग को 5.07 करोड़ रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचाई गई।
संयुक्त आयुक्त बीडी शुक्ला ने बताया कि बड़े बकायेदारों के विरुद्ध विभाग मुकदमे पंजीकृत करा रहा है। इसी कड़ी में फर्म मैसर्स श्याम राधे ट्रेडिंग कंपनी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।
गवाह ने कहा नहीं होता कारोबार
जांच में व्यापार स्थान की जगह पुराना मकान था। उस पर लकड़ी का गेट और गेट पर ताला लगा था। गली में ट्रक या मिनी ट्रक से माल लाना या ले जाना संभव नहीं है। गवाह सरला गुप्ता ने बताया कि उन्होंने कभी यहां माल आते-जाते नहीं देखा। गवाह राजेंद्र ने स्वीकार किया कि संपत्ति मोहित की है, जो चाय व धनिये का कारोबार करते हैं। अन्य स्थान से व्यापार करने की कोई जानकारी नहीं हैै।
वेब पोर्टल पर दर्ज नंबर पर फोन करने पर संपर्क नहीं हो सका। जिन वाहनों से माल की इनवर्ड सप्लाई दिखाई गई है, उनसे आउटवर्ड सप्लाई नहीं की गई है, जबकि माल की लोडिंग एवं अनलोडिंग होना अनिवार्य है। |
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