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गिरफ्तार प्रधान लिपिव व कर्मचारी। फोटो जागरण
संवाद सहयोगी, किशनगंज। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को जिला खनन कार्यालय के प्रधान लिपिक को आठ हजार व परिचारी को सात हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
दोनों ने जब्त ट्रैक्टर के विमुक्त आदेश देने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। जिस आलोक में गठित निगरानी विभाग की 15 सदस्यीय टीम ने दोनों को अलग-अलग जगह से गिरफ्तार किया।
खनन विभाग के प्रधान लिपिक व परिचारी के विरुद्ध चकला निवासी हबीब आलम ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि 31 दिसंबर 2025 को खनन विभाग के द्वारा ट्रैक्टर को जब्त किया गया था।
ट्रैक्टर को छुड़वाने के लिए जुर्माना देने के बाद भी विमुक्त करने का पत्र देने के नाम पर बड़ाबाबू और परिचारी के द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। परिवाद के आलोक ने निगरानी विभाग की टीम ने मामले का सत्यापन किया।
निगरानी विभाग के एक कर्मी के साथ पीड़ित ने खनन विभाग के बड़ाबाबू से नौ फरवरी की शाम बस स्टैंड में मिलकर ट्रैक्टर रिलीज करने की बात की थी। जिसमें बड़ाबाबू ने 10 हजार रुपये की मांग की थी।
निगरानी थाना में 16 फरवरी को मामला दर्ज कर अनुसंधानकर्ता निगरानी डीएसपी आशिफ इकबाल मेंहदी की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने परिचारी सरोज को डुमरिया गर्ल्स हाई स्कूल के पास से व प्रधान लिपिक अशोक को खनन कार्यालय के पास एक चाय की दुकान में रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
निगरानी डीएसपी ने बताया कि प्रधान लिपिक को आठ हजार व चपरासी को सात हजार रुपये के साथ पकड़ा गया है। दोनों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है। खनन विभाग के बड़ा बाबू अशोक कुमार चौधरी छह अक्टूबर 2025 को किशनगंज खनन विभाग में स्थानांतरण होकर आए थे। |
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