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इकाना स्टेडियम में कर्नाटक के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को विकेट लेने की बधाई देते साथी खिलाड़ी, यूपीसीए
राज्य ब्यूरो, जागरण। सोमवार तक जो कांटे की टक्कर दिख रही थी, मंगलवार को वह एकतरफा लड़ाई में बदल गई। जम्मू कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार (4/36) व सुनील कुमार (4/27) ने अचानक मैच का रूख मोड़ते हुए अपनी टीम को पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल की दहलीज पर ला दिया है।
उन्होंने घातक गेंदबाजी कर बंगाल की दूसरी पारी 99 रनों पर धराशायी कर दी। जम्मू कश्मीर को जीत के लिए मात्र 126 रनों का लक्ष्य मिला है। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक उसने दो विकेट खोकर 43 रन बनाए हैं और उसे जीत के लिए अब मात्र 83 रनों की जरुरत है।
मोहम्मद शमी ने चटकाए आठ विकेट
मैच के तीसरे दिन कश्मीर की पहली पारी 302 रनों पर समाप्त हुई। मोहम्मद शमी ने 90 रन देकर आठ विकेट चटकाए और एक बार फिर भारतीय टीम में चयन के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है, हालांकि उनकी शानदार गेंदबाजी पर बंगाल के बल्लेबाजों ने पानी फेर दिया।
बंगाल ने पहली पारी में 328 रन बनाए थे, सो उसे 26 रनों की बढ़त मिली, लेकिन उसकी दूसरी पारी पूरी तरह चरमरा गई। उसके तीन बल्लेबाज तो खाता तक नहीं खोल पाए, जिनमें सुदीप कुमार घरामी भी शामिल हैं, जिन्होंने क्वार्टरफाइनल में शानदार 299 रन व सेमीफाइनल की पहली पारी में 146 रन बनाए थे।
कर्नाटक ने पहली पारी में 736 रन बनाए
अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में कर्नाटक और उत्तराखंड के बीच खेला जा रहा रणजी ट्रॉफी का पहला सेमीफाइनल एकतरफा हो गया है। कप्तान देवदत्त पडिक्कल (232), केएल राहुल (141) और आर. स्मरण (135) की धमाकेदार पारियों के बाद गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत कर्नाटक का टूर्नामेंट में 15वीं बार फाइनल में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।
टीम अब तक 14 बार खिताबी मुकाबले में जगह बना चुकी है, जिसमें आठ बार विजेता और छह बार उपविजेता रही है। कर्नाटक ने पहली पारी में 736 रन बनाए, जिसके जवाब में खेलने उतरी उत्तराखंड टीम ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक महज 149 रनों पर पांच विकेट गंवा दिए हैं। अब यहां से उसके लिए वापसी की डगर बेहद कठिन है।
विद्याधर पाटिल ने दो, प्रसिद्ध कृष्णा, विजय कुमार और श्रेयस गोपाल ने एक-एक बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर उत्तराखंड के शीर्षक्रम को झोकझोर दिया। लक्ष्य रायचंदानी (*52) ने कर्नाटक की मजबूत गेंदबाजी का जरूर डटकर मुकाबला किया। उनके साथ दूसरे छोर पर विकेटकीपर बल्लेबाज सौरभ रावत (*10) नाबाद हैं।
आखिरी चार बल्लेबाज सिर्फ 47 रन जोड़ सके
इसके पहले मंगलवार को कर्नाटक ने अपने पुराने स्कोर छह विकेट पर 689 रन से पारी को आगे बढ़ाया, लेकिन बचे हुए चार बल्लेबाज कुल 47 रन और जोड़कर पवेलियन लौट गए। उत्तराखंड की ओर से मैच के तीसरे दिन बाएं हाथ के स्पिनर मयंक मिश्र सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्हें पहले और दूसरे दिन कोई सफलता नहीं मिली थी।
मयंक ने सबसे पहले क्रीज पर जमे रविचंद्रन स्मरण को विकेटकीपर सौरभ रावत के हाथों कैच आउट कराया। स्मरण ने अपनी शतकीय पारी में 12 चौके जड़े। इस समय टीम का स्कोर 717 रन था। इसी स्कोर पर कर्नाटक ने विजय कुमार (00) के रूप में आठवां विकेट गंवाया। यह सफलता भी मयंक के हाथ लगी।
इसी बीच दूसरे छोर पर विद्याधर पाटिल (54) ने अपना ने अपना अर्धशतक पूरा किया। मयंक ने शिखर शेट्टी (12) को क्लीन बोल्ड कर टीम को थोड़ी राहत दी। पाटिल आखिरी विकेट के रूप में आउट हुए। उत्तराखंड की ओर से आदित्य रावत ने चार और मयंक ने तीन विकेट हासिल किए।
बल्लेबाजी में भी उत्तराखंड का लचर प्रदर्शन
इकाना स्टेडियम की जिस पिच पर कर्नाटक के बल्लेबाजों ने रनों का अंबार खड़ा कर दिया, उस पर उत्तराखंड के बल्लेबाज टिक नहीं सके। 81 रन के स्कोर पर टीम के चार शीर्ष खिलाड़ी पवेलियन लौट गए। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक उत्तराखंड के पांच विकेट गिर गए।
टूर्नामेंट में 700 से अधिक रन बना चुके कप्तान कुणाल चंदेला (12) का बल्ला भी खामोश रहा। कर्नाटक के गेंदबाजों के सटीक लाइन-लेंथ का उत्तराखंड के बल्लेबाजों के पास कोई जवाब नहीं था। कर्नाटक के विशाल स्कोर के जवाब में चंदेला की टीम अभी भी 587 रन पीछे है, जबकि उसके दिग्गज बल्लेबाज आउट हो चुके हैं।
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