तीन करोड़ से दो विभागों की बदलेगी सूरत।
जागरण संवाददाता, हरदोई। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में धीरे-धीरे सुविधाएं बढ़ रहीं हैं। अभी तक यहां आंख और नाक-कान गले के मरीजों को परामर्श ही मिल पाता था। संसाधनों की कमी के चलते ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। तीन करोड़ से आई और ईएनटी विभाग की सूरत बदली जाएगी।
विभागों को अत्याधुनिक मशीनों से लैस किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। शासन को डिमांड भेज दी है। बजट आवंटित होते ही काम शुरू हो जाएंगे। इसके बाद से मरीजों को लखनऊ जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
जिला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हुए पांच वर्ष गुजर रहे हैं। यहां आर्थो, सर्जरी, ईएनटी और आई विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों को तो तैनाती है। आईपीडी भवन में माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बने हैं। इस तरह के माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर आसपास जनपदों के अस्पतालों में नहीं हैं। विभागों में सिर्फ संसाधनों की कमी है।
इसके चलते मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। ईएनटी विभाग की बात की जाए तो यहां विशेषज्ञ चिकित्सक हैं, लेकिन नाक, कान गले की जांच के लिए मशीनें नहीं हैं। ऐसे में अगर किसी मरीज का ऑपरेशन करना है तो चिकित्सक अपने संसाधनों से ऑपरेशन करें या फिर मरीजों को रेफर कर दें।
इसी तरह आई विभाग में वर्षों पुरानी मशीनों से चिकित्सकों को ऑपरेशन तो दूर आंखों की जांच करना मुश्किल हो रहा है। संसाधनों की कमी से बदहाल दोनों विभागों के अच्छे दिन आने वाले हैं। अस्पताल प्रशासन ने दोनों विभागों में संसाधनों की कमी दूर करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
दोनों विभागों में उपकरणों की खरीद-फरोख्त में करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विभागाध्यक्षों ने सभी जरूरत के उपकरणों का ब्योरा बनाकर अस्पताल प्रशासन के सिपुर्द कर दिया है।
आने वाले कुछ दिनों में अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। सभी विभागाध्यक्षों से जरूरत के उपकरणों के बारे में जानकारी मांगी गई है। आई-ईएनटी विभाग में आने वाली मशीनें काफी महंगी है। दोनों विभागों में करोड़ों का खर्च आएगा। फिलहाल बजट मिलते ही जरूरत वाले उपकरण पहले उपलब्ध कराए जाएंगे। -डॉ. जे. बी. गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, हरदोई। |