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Surya Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण, जानें क्या होगा असर, सूतक अवधि व कहां दिखेगा

Chikheang 3 hour(s) ago views 977
  



जागरण संवाददाता, कानपुर। Surya Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग रहा है। इसका आरंभ भारतीय समय दोपहर 3.26 बजे और समापन शाम 7.57 बजे होगा। धार्मिक मान्यताओं में सूर्य ग्रहण से पहले सूतक काल का विशेष महत्व माना जाता है।

मंगलवार फाल्गुन अमावस्या को लगने वाला साल का पहला सूर्य ग्रहण देश में नहीं दिखाई देगा। इसलिए इसका कोई प्रत्यक्ष या धार्मिक प्रभाव यहां नहीं पड़ेगा। देश में सूतक काल (अशुभ अवधि) लागू नहीं होगा। मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे। लोग सामान्य दैनिक दिनचर्या जारी रख सकते हैं। यह ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों, अंटार्कटिका और दक्षिण अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार दोपहर 3:26 बजे शुरू होकर शाम 7:57 बजे समाप्त होगा।

ज्योतिषाचार्य मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि मान्यता के अनुसार सूतक वहीं मान्य होता है, जहां ग्रहण दिखाई दे। देश में न दिखने के कारण यहां किसी प्रकार का सूतक या सावधानी बरतने की आवश्यकता नहीं है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण को ऊर्जा परिवर्तन का समय माना जाता है। इस दौरान ग्रहों की स्थिति मानव मन प्रकृति और सामाजिक घटनाओं को प्रभावित करती है। चंद्र ग्रहण तीन मार्च होलिका दहन के दिन सूर्य ग्रहण के 15 दिन बाद लगेगा। चंद्रग्रहण देश में पूर्ण रूप से दिखाई देगा और इसका सूतक काल भी मान्य होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण अक्सर देश-दुनिया में सत्ता संघर्ष, राजनीति में बड़े बदलाव और प्राकृतिक आपदाओं का संकेत माना जाता है।
भारत में नहीं दिखेगा

ज्योतिष सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष पं. पवन तिवारी के अनुसार, आरंभ भारतीय समय से दोपहर 3.26 बजे होगा सूर्य ग्रहण का मध्य समय शाम 05.42 बजे होगा और इस ग्रहण का समापन शाम 7.57 बजे होगा। यह ग्रहण कुम्भ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला है। यह वलयाकार सूर्यग्रहण है, जो भारत में दर्शनीय नहीं होगा। सामान्य तौर पर सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है, जिसमें पूजा-पाठ और शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है।
यहां कोई प्रभाव नहीं

17 फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा। ऐसे में भारत में रहने वाले लोगों को न तो सूतक से जुड़ी धार्मिक पाबंदियों का पालन करना होगा और न ही दैनिक कार्यों पर इसका कोई प्रभाव पड़ेगा यह सूर्य ग्रहण केवल खगोलीय दृष्टि से खास रहेगा जबकि धार्मिक दृष्टिकोण से भारत में इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं माना जाएगा।
सूर्य ग्रहण के परिणाम अशुभ हों तो यह उपाय करें

ग्रहण काल के दौरान सूर्य देव या शिव जी के मंत्रों का जप करें चाहें तो गुरु मंत्र का जप भी कर सकते हैं। इसके अलावा, ग्रहण काल में विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं ग्रहण काल के बाद स्नान करें इसके बाद सूर्य संबंधी वस्तुओं का दान करें।

  

  
जानें राशियों पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव

    राशि प्रभाव
   
   
   मेष
   रुके हुए काम पूरे होंगे, करियर में विशेष सफलता मिलेगी।
   
   
   वृष
   करियर में परिवर्तन और सफलता के योग बनेंगे, महत्वपूर्ण कार्य पूरे होंगे।
   
   
   मिथुन
   आर्थिक व पारिवारिक समस्याएं परेशान कर सकती हैं, वाहन सावधानी से चलाएं।
   
   
   कर्क
   स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, महत्वपूर्ण कार्य रुक सकते हैं।
   
   
   सिंह
   पारिवारिक व करियर संबंधी समस्याएं आ सकती हैं।
   
   
   कन्या
   काम की रुकावट दूर होगी, स्वास्थ्य व जीवन में सुधार होगा।
   
   
   तुला
   स्वास्थ्य व पारिवारिक समस्याएं परेशान कर सकती हैं।
   
   
   वृश्चिक
   करियर में लापरवाही न करें, स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
   
   
   धनु
   स्वास्थ्य व मानसिक स्थिति में सुधार, नए कार्यों की शुरुआत संभव।
   
   
   मकर
   करियर में समस्या आ सकती है, स्थान परिवर्तन संभव।
   
   
   कुम्भ
   स्वास्थ्य का ध्यान रखें, जल्दबाजी में निर्णय न लें।
   
   
   मीन
   वैवाहिक जीवन में समस्या संभव, दुर्घटना व विवाद से सावधान रहें।
  
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