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MP के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत से हड़कंप, एक माह पूर्व कान्हा से किया था शिफ्ट

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टाइगर रिजर्व में मिला बाघ का शव।  



डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में एक युवा नर बाघ का शव मिलने से वन महकमे में हड़कंप मच गया है। करीब एक माह पहले ही इस बाघ को कान्हा टाइगर रिजर्व से यहां शिफ्ट किया गया था। प्रारंभिक जांच में टेरिटोरियल फाइट (क्षेत्रीय संघर्ष) की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
मानेगांव बीट में मिला शव

रिजर्व की मोहली रेंज के मानेगांव बीट के कोर क्षेत्र में 15 फरवरी की शाम बाघ मृत अवस्था में मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अंधेरा होने के कारण विस्तृत तलाशी नहीं हो सकी, जिसके बाद अगले दिन डॉग स्क्वॉड के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

मृत बाघ की उम्र लगभग 3 से 4 वर्ष (करीब 35 माह) बताई जा रही है। कॉलर आईडी के जरिए उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। पिछले दो-तीन दिनों से उसकी लोकेशन एक ही स्थान पर मिल रही थी, जिससे टीम को संदेह हुआ। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची, जहां बाघ मृत अवस्था में पाया गया।
मां से बिछड़ा, फिर दी गई रिवाइल्डिंग ट्रेनिंग

वन अधिकारियों के अनुसार, यह बाघ अप्रैल 2023 में अपनी मां से बिछड़ गया था। रेस्क्यू के बाद उसे विशेष बाड़े में रखकर शिकार और प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल बनने की ट्रेनिंग दी गई। लगभग 35 महीने की रिवाइल्डिंग प्रक्रिया के बाद 18-19 जनवरी की दरमियानी रात उसे रेडियो कॉलर लगाकर कोर एरिया में छोड़ा गया था।

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टेरिटरी फाइट की संभावना

डीएफओ रजनीश कुमार सिंह के मुताबिक घटनास्थल के आसपास दूसरे बाघ के पगमार्क मिले हैं। वयस्क नर बाघ अक्सर अपने क्षेत्र को लेकर आपस में भिड़ जाते हैं, जिसमें कमजोर या युवा बाघ की जान भी जा सकती है।

जांच के दौरान आसपास अवैध बिजली तार, करंट या जलस्रोत में जहर जैसे कोई संकेत नहीं मिले हैं। इससे शिकार की आशंका फिलहाल कम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम

बाघ का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की पैनल द्वारा रिजर्व परिसर में किया गया है। टीम में वन्यजीव विशेषज्ञ शामिल हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत प्राकृतिक संघर्ष का परिणाम है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

वन विभाग ने कहा है कि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है, ताकि रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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