search

पेंशन बहाली की मांग पर सड़कों पर उतरे कर्मचारी; 7 मार्च की बैठक का मिला आश्वासन

cy520520 3 hour(s) ago views 549
  

संगरूर में प्रदर्शन करते हुए कर्मचारी।  



जागरण संवाददाता, संगरूर। 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए पंजाब वेतन स्केल बहाल करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को राज्य स्तरीय रोष प्रदर्शन किया गया। पुराने स्केल, पेंशन और भत्ते बहाली मोर्चा की अगुआई में पंजाब भर से कर्मचारी संगरूर स्थित वेरका मिल्क प्लांट के पास एकत्र हुए। इसके बाद शाम करीब साढ़े तीन बजे कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर रोष मार्च निकाला।

मार्च के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मुख्यमंत्री आवास से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। आगे बढ़ने को लेकर कुछ समय के लिए कर्मचारियों और पुलिस के बीच हल्की खींचतान भी हुई। हालांकि स्थिति को शांतिपूर्वक संभाल लिया गया। प्रदर्शन कर रहे नेताओं में मोर्चा के राज्य कन्वीनर विक्रमदेव सिंह और सह-कन्वीनर अतिंदर पाल घग्गा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के चार वर्ष पूरे होने के बावजूद कर्मचारियों की मांगें लंबित हैं। उनका कहना था कि सरकार वित्तीय संकट का हवाला देकर मांगों को टाल रही है, जबकि विज्ञापन खर्च और कर्ज बढ़ने के कारण राज्य पर लगभग चार लाख करोड़ रुपये का बोझ हो चुका है।

यह भी पढ़ें- मंत्री चीमा का दावा- भाजपा विधायकों को खरीदकर बनाती है सरकार; पंजाब में यह राजनीति नहीं चलेगी
नोटिफिकेशन वापस लेने की मांग

मोर्चा नेताओं ने कहा कि 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों पर केंद्रीय वेतनमान लागू करने का नोटिफिकेशन वापस लिया जाए। उनका दावा है कि अदालतों के फैसले भी कर्मचारियों के पक्ष में आए हैं। उन्होंने सभी नए कर्मचारियों की तनख्वाह छठे पंजाब वेतन आयोग और 15 प्रतिशत वृद्धि के अनुसार तय करने की मांग की।

यह भी पढ़ें- बठिंडा शहर के व्यस्त इलाके में नशे का खेल; इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल होने से कानून व्यवस्था पर उठे सवाल  
पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की रखी मांग

इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना को 1972 के नियमों के अनुसार लागू करने, केंद्रीय एकीकृत पेंशन योजना को रद्द करने, 37 प्रकार के भत्तों की बहाली, लंबित 16 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी करने और सीमा क्षेत्र कर्मचारियों से जुड़ी शर्तें हटाने की भी मांग उठाई गई।

प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन ने पांच मार्च को मुख्यमंत्री हाउस में प्रधान सचिव और संबंधित विभागीय सचिवों के साथ बैठक तय करवाई। बैठक के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

यह भी पढ़ें- भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद खन्ना अकाली दल में शामिल; संगरूर की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
158002