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बाघ के हमले के बाद फतेहपुर के जंगल में फिर मिला खून, ग्रामीणों में दहशत

Chikheang 3 hour(s) ago views 920
  

मारने के बाद घटनास्थल के पास दोबारा नहीं लौटा बाघ। फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। फतेहपुर के जंगल में घास काटने गई महिला की मौत के बाद शनिवार को फिर से खून मिला है। इससे ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। फारेस्ट गेस्ट हाउस के पास नाले के पार खून मिला है। ग्रामीणों ने बताया कि वन्यजीव ने बकरी को मारा है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में एक महीने से गुलदार दिख रहा था। ऐसे में वे आशंका जता रहे हैं कि गुलदार ने हमला किया है। लेकिन, हमला किस वन्यजीव ने किया, यह स्पष्ट नहीं है।

दरअसल गुरुवार को गंगा देवी नामक महिला को बाघ ने मार डाला था। इसके बाद क्षेत्र में बाघ की दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि अब शनिवार शाम को वन्यजीव ने बकरी मार दी। उनका कहना है कि यहां कुछ समय से गुलदार दिख रहा था, जिस संबंध में उन्होंने वनाधिकारियों से भी बातचीत की थी। और क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था करने, सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की थी।

सूत्रों ने बताया कि शाम को हुई घटना के बाद मौके पर वन विभाग की टीम गई। मौके पर उन्हें खून के निशान मिले। अंधेरा होने के चलते किस वन्यजीव ने हमला किया उस बारे में पता नहीं चल सका। अब रविवार सुबह वन विभाग की टीम जंगल में जाकर गश्त करेगी। वहीं इस संबंध में रेंजर प्रदीप असगोला ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
बाघ को चकमा देने के लिए पिंजरे के पास रखा जाएगा मरा हुआ मवेशी

गंगा देवी की मौत को तीन दिन बीत गए हैं, लेकिन कातिल बाघ का सुराग नहीं लग सका है। न ही वो पिंजरे में कैद हुआ है और न ही 12 में से किसी भी ट्रैप कैमरे में उसकी तस्वीर दिखी है।

घटनास्थल से 100 से 200 मीटर की दूरी पर दो पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन बाघ हमला करने के बाद उस ओर नहीं आया है। ऐसे में वन विभाग नई रणनीति पर विचार कर रहा है। रामनगर डिवीजन के डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने बताया कि बाघ को चकमा देने के लिए पिंजरे के पास मरा हुआ मवेशी रखा जाएगा, ताकि वह पकड़ में आ सके। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर आने वाले दिनों में पिंजरों की लोकेशन भी बदलने पर विचार किया जा सकता है।

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