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Harinagar Kand: डीएमसीएच के सर्जरी विभाग में भर्ती जख्मियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और घटनाक्रम की जानकारी ली। फोटो: जागरण
जागरण संवाददाता, दरभंगा। Chirag Paswan DMCH Visit: कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर कांड में घायल लोगों से मिलने के लिए रविवार को केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डीएमसीएच के सर्जरी विभाग में भर्ती जख्मियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
केंद्रीय मंत्री ने इलाजरत विक्रम पासवान (40) और उनकी 12 वर्षीय पुत्री कोमल कुमारी सहित अन्य घायलों से बातचीत की। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों और अस्पताल अधीक्षक को निर्देश दिया कि सभी जख्मियों का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए। चिराग पासवान ने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी घायल पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते, तब तक किसी को भी अस्पताल से छुट्टी नहीं दी जाए।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री के साथ सांसद शांभवी चौधरी सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे। नेताओं ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही घटना में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर पीड़ितों को उचित न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया।
केंद्रीय मंत्री के अस्पताल पहुंचने से जख्मियों और उनके परिजनों में उम्मीद जगी है कि उन्हें न्याय के साथ-साथ हर स्तर पर सहायता मिलेगी।
क्या है हरिनगर कांड?
दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव का मामला इन दिनों चर्चा में है। विवाद की शुरुआत मजदूरी के बकाया भुगतान से हुई, जिसने बाद में हिंसक और जातीय तनाव का रूप ले लिया।
मजदूरी विवाद से शुरू हुआ मामला
इस कांड की जड़ मजदूरी के बकाया भुगतान से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि हरिनगर गांव के हेमंत झा और उनके यहां काम करने वाले विक्रम पासवान के बीच करीब ₹47 हजार से ₹2.5 लाख तक की मजदूरी को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा था। 30 जनवरी 2026 को पंचायत बुलाई गई, लेकिन सहमति बनने के बजाय विवाद और बढ़ गया।
हिंसा में कई घायल
आरोप है कि 31 जनवरी को एक पक्ष के लोगों ने दलित बस्ती (पासवान टोला) पर हमला कर दिया। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल 8 लोगों को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एफआईआर और SC/ST एक्ट
पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने 70 नामजद और लगभग 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में SC/ST एक्ट भी लगाया गया है। सभी नामजद आरोपी एक ही समुदाय से बताए जा रहे हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
गांव में सन्नाटा, पुलिस तैनात
नामजद होने और गिरफ्तारी के डर से गांव के अधिकांश पुरुष घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। गांव में सन्नाटा पसरा है और सुरक्षा को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
कानून के दुरुपयोग पर बहस
सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या SC/ST एक्ट का दुरुपयोग कर पूरे समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जा रही है और निर्दोषों को घबराने की जरूरत नहीं है।
पीड़ितों को मुआवजा
प्रशासन की ओर से अस्पताल में भर्ती 8 पीड़ित परिवारों को कुल करीब ₹6.64 लाख की सहायता राशि के चेक सौंपे गए हैं। |
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