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अब भारत में भी बनेंगी अमेरिका-जापान जैसी सड़कें, इंजीनियरों को मिलेगा इंटरनेशनल टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण

cy520520 1 hour(s) ago views 402
  

उन्नत तकनीक से भारतीय इंजीनियर सीखेंगे सड़क निर्माण। (AI Generated Image)



चेतना राठौर, नोएडा। अमेरिका, जापान, साउथ कोरिया जैसे देशों में जिस प्रकार से सड़कों, हाइवे, एक्सप्रेसवे, पुलों का निर्माण किया जाता है।

इस प्रकार से निर्माण के लिए अब देश भर के लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर्स सड़क निर्माण और प्रबंधन करने का प्रशिक्षण नवीन तकनीक के आधार पर ले सकेंगे।

इसके लिए इन देशों के कंसल्टेंट भारत के इंजीनियर्स को प्रशिक्षित देने के लिए भारतीय अभियंता राजमार्ग अकादमी (आइएएचई) के सहयोग से कार्य करेंगे।
लोगों को मिलेगी राहत

यह विशेषज्ञ प्लास्टिक कचरे, वार्म मिक्स एस्फाल्ट, कोल्ड इन-प्लेस रीसाइक्लिंग, स्टील स्लैग तकनीक, थ्रीडी सर्वेक्षण वाहन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) पर आधारित सड़क निर्माण और प्रबंधन करने का प्रशिक्षण देंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरों की सड़कों की हालत सुधर सकेगी, टूटी, उखड़ी व खस्ताहाल सड़कों से लोगों को राहत मिले।

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इस प्रशिक्षण का मकसद है कि कई नवीन तकनीकों पर शोध कार्य किया जाए, जिससे जलभराव के कारण सड़काें को होने वाले नुकसान से निजात पाई जा सके। इस तकनीकी प्रशिक्षण के लिए भारतीय अभियंता राजमार्ग अकादमी से मध्य प्रदेश ने हाल ही में अनुबंध किया है।

यह देश का पहला राज्य बन गया है जिसके इंजीनियर्स सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुधार के लिए कदम बढ़ाएंगे, प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होंगे। अब तमिलनाडु, गुजरात के लोक निर्माण विभाग ने अकादमी से अनुबंध की इच्छा जाहिर की है।
साझा किया गया प्रक्षिक्षण का शेड्यूल

अकादमी ने मुख्य सचिव को पत्राचार के जरिये प्रशिक्षण दिलाने का शेड्यूल साझा किया है। बता देंकि अनुबंध के आधार पर लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर्स को नवीन तकनीक के आधार पर अकादमी की ओर से कार्यशाला, क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा।

अभी तक अकादमी तक देश भर के लोक निर्माण विभाग के कम इंजीनियर्स प्रशिक्षण लेने पहुंचते थे।

इस पहल से इंजीनियर्स के लिए राज्य सड़क प्रबंधन और निर्माण के प्रशिक्षण को अनिवार्य होगा। इससे समय-समय पर प्रशिक्षित इंजीनियर्स सड़क का प्रबंधन कर सकेंगे। साथ ही सड़क खराब होने के कारण भी बताए जाएंगे।

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नवीन तकनीक पर आधारित इंजीनियर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग डिजाइनिंग और निर्माण में किया जा रहा है।
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आलोक पांडे, निदेशक, भारतीय अभियंता राजमार्ग अकादमी
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