महाशिवरात्रि के अवसर पर चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता हुआ।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। शिवालयों में महाशिवरात्रि की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंदिरों को फूलों और रंग- बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर, बनखंडी मंदिर, नीली छतरी वाले और कनाट प्लेस स्थित प्राचीन शिव मंदिर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों में सुबह भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जाएगा और मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा।
वहीं, दूसरी आरती के बाद रात्रि 12 बजे से मंदिर से शिव बरात निकाली जाएगी। बारात में शामिल होने वाली झांकियों में भक्त भगवान शिव के विभिन्न रूपों का अलौकिक दर्शन कर सकेंगे।
गौरी शंकर मंदिर के प्रबंधक सुभाष गोयल ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के चार पहर का विशेष श्रृंगार होगा। जिसे लेकर भक्त बहुत उत्साहित है। वहीं, उत्सव की शुरुआत भगवान शिव के फूलों से होने वाले विशेष श्रृंगार से होगी।
इसके बाद भगवान शिव के दूल्हा बनने, घोड़ी पर सवार होने, फेरों और विदाई के समय की अलग- अलग पोशाकें भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी। दूसरी आरती के पश्चात रात 12 बजे भव्य शिव बारात निकाली जाएगी, जिसमें विभिन्न झांकियों के माध्यम से महादेव के अलौकिक रूपों के दर्शन होंगे।
विभिन्न मंदिर प्रबंधकों के अनुसार हर वर्ष मंदिर में महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा- अर्चना, जलाभिषेक और रूद्राभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस बार रविवार को महाशिवरात्रि होने के कारण भक्तो की अधिक भीड़ आने की उम्मीद है। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में दो शिफ्टों में 80- 80 बाउंसर तैनात रहेंगे, जबकि मंदिर परिसर की निगरानी 16 सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी।
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर देर रात 2 बजे तक खुला रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल की भी तैनाती की जाएगी। मंदिर में भव्य भंडारे का भी आयोजन होगा, जिसमें भक्तों के लिए कुट्टू की पूड़ी, हलवा, पकौड़ी, रायता और सब्जी जैसे फलाहारी प्रसाद की व्यवस्था रहेगी।
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