कश्मीर घाटी में 24 फरवरी तक शुष्क रहेगा मौसम। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। चिलेकलां से कम तीव्रता वाले 20 दिवसीय चिलेखुर्द ने अपनी पारी के 15 दिन पूरे कर लिए हैं। इन 15 दिन के भीतर घाटी के मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं आया है। मौसम विभाग की मानें तो चिलेखुर्द शुष्क मौसम के बीच समाप्त हो जाएगा, क्योंकि संबंधित विभाग ने 24 फरवरी तक घाटी में मौसम के मिजाज शुष्क ही बने रहेंगे और इस बीच कोई विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा।
विभाग के निदेशक डा. मुख्तार अहमद ने कहा कि घाटी के वायुमंडल में निष्क्रिय पड़े पश्चिमी विक्षोभ के फिलहाल 24 फरवरी तक सक्रिय होने के आसार नहीं है। तब तक (24 फरवरी तक) मौसम सामान्यत: शुष्क ही बना रहेगा। हालांकि इस बीच कई स्थानों पर बादल छाए रहेंगे, लेकिन वर्षा की संभावना बहुत कम है।
अलबत्ता 25 से 28 फरवरी की शाम तक घाटी में मौसम में हल्का परिवर्तन होगा, ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में हल्की बर्फबारी या वर्षा हो सकती है। वहीं, विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की आशंका जताई है। इन इलाकों के आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
वहीं, शनिवार को घाटी में मौसम शुष्क रहा। श्रीनगर समेत अधिकांश इलाकों में दोपहर तक बादल, जबकि दोपहर बाद हल्की धूप खिली रही।
मौसम विभाग के अनुसार श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -0.5, काजीगुंड में -0.7, पहलगाम में -4.2, कुपवाड़ा में -1.0, कुकरनाग में 1.1, गुलमर्ग में -36, पुलवामा में -2.1, कुलगाम में -2.1, शोपियां में -3.6 तथा बारामुला में न्यूनतम तापमान -2.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
सनद रहे कि 20 दिवसीय चिलेखुर्द 20 फरवरी को समाप्त हो रहा है और 21 फरवरी से चिलेकलां व चिलेखुर्द की तुलना में कम तीव्रता वाला सर्दी का दौर 10 दिवसीय चिलेबाइच अपनी पारी शुरू करेगा। |