संजय शर्मा-

भारत में हर साल हज़ारों बलात्कार की घटनाएँ दर्ज होती हैं. और हम सब जानते हैं कि असली संख्या इससे कहीं अधिक है.
बहुत कम पीड़िताएं पुलिस तक पहुंच पाती हैं. और जो पहुंचती भी हैं, उनके मामलों में कई बार एफआईआर दर्ज कराने तक की जद्दोजहद करनी पड़ती है. यह सिर्फ आंकड़ों का विषय नहीं, हमारे समाज के चरित्र और संवेदनशीलता की कसौटी है.
इसी कड़वी सच्चाई को पर्दे पर उतारने का साहस किया है देश के जाने-माने निर्देशक अनुभव सिन्हा ने अपनी नई फिल्म “अस्सी” के माध्यम से.
कल शानदार लंच के दौरान उन्होंने इस फिल्म का ट्रेलर दिखाया. सच कहूं तो ट्रेलर देखते हुए रोंगटे खड़े हो गए. विषय जितना नाज़ुक है, प्रस्तुति उतनी ही प्रभावशाली और बेबाक.
अनुभव भाई ने हमेशा ऐसे मुद्दे उठाए हैं जिन पर बात करना आसान नहीं होता. उनकी फिल्मों ने समाज को आईना दिखाया है, बहस छेड़ी है और सोचने पर मजबूर किया है.
इस फिल्म में भी उनकी वही संवेदनशील दृष्टि और साहस साफ दिखाई देता है. मेरी पसंदीदा अभिनेत्री तापसी पन्नू ने उनकी तीन फिल्मों में यादगार काम किया है और इस बार भी वह इस कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो फिल्म को और मजबूत बनाता है.
ऐसे कठिन और जरूरी विषय पर फिल्म बनाना सिर्फ सिनेमाई प्रयोग नहीं, एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है. अनुभव सिन्हा और पूरी टीम को इस पहल के लिए दिल से शुभकामनाएं.
मुझे पूरा विश्वास है कि “अस्सी” के रिलीज़ होने के बाद देश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर एक गंभीर और सार्थक बहस जरूर तेज होगी.
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