वेंडिंग जोन के लिए शुरू किया गया काम। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, पटना। जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) के किनारे अनियमित रूप से लगने वाले ठेला-खोमचा दुकानदारों को व्यवस्थित करने की दिशा में नगर निगम ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है।
शनिवार से दीघा गोलंबर के नीचे करीब 55 हजार वर्गफीट क्षेत्र में चिह्नित स्थल पर वेंडिंग जोन विकसित करने का कार्य आरंभ हो गया।
मरीन ड्राइव के वेंडरों को शिफ्ट किए जाने की कवायद तेज
नगर निगम के अनुसार प्रस्तावित वेंडिंग जोन में वेंडरों और ग्राहकों की सुविधा के लिए फुट ओवरब्रिज, पार्किंग, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि निर्माण की पहली प्रक्रिया के तहत भूमि समतलीकरण का काम चल रहा है। फिर खटाल हटाने और अतिक्रमण समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद यहां मरीन ड्राइव के वेंडरों को तात्कालिक रूप से शिफ्ट कर दिया जाएगा, ताकि उनकी आजीविका पर कोई असर नहीं पड़े।
ओवरब्रिज, पार्किंग, शौचालय व पेयजल जैसी सुविधाएं होंगी उपलब्ध
एक से दो माह में वेंडिंग जोन को रूप से विकसित कर दिए जोन का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि वेंडिंग जोन को मरीन ड्राइव और गंगा किनारे से जोड़ने के लिए 16 फीट चौड़ा फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा।
दीघा गोलंबर से सूर्य मंदिर जाने वाली सड़क को वेंडिंग जोन के लिए चिह्नित किया गया है। यहां सड़क का निर्माण और नाले को ढंकने की योजना भी है।
शहर में तीन दर्जन वेंडिंग जोन विकसित करने की योजना
वर्तमान में जेपी गंगा पथ पर सड़क किनारे वेंडिंग होने से अक्सर यातायात बाधित होता है और जाम की स्थिति बन जाती है।
निगम का मानना है कि वेंडिंग जोन तैयार होने के बाद यातायात व्यवस्था सुचारु होगी और मरीन ड्राइव के वेंडरों को सुरक्षित एवं स्थायी स्थान मिल सकेगा।
नगर आयुक्त ने बताया कि शहर में लगभग तीन दर्जन वेंडिंग जोन विकसित करने की योजना है। मरीन ड्राइव के वेंडरों के पुनर्वास के लिए यह परियोजना प्राथमिकता के आधार पर युद्धस्तर पर पूरी की जा रही है, ताकि जल्द ही फुटपाथी दुकानदारों को नए स्थान पर स्थानांतरित किया जा सके। |
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