टीपू सुल्तान की तुलना शिवाजी से करने पर फडणवीस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को आड़े हाथों लिया (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल द्वारा टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है।
फडणवीस ने इस तुलना को न केवल इतिहास का अपमान बताया, बल्कि सपकाल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अपनी तुच्छ राजनीति के लिए महापुरुषों का अपमान करना कांग्रेस की संस्कृति बन गई है।
इस विवाद की शुरुआत मालेगांव में चुनी गई उपमहापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कक्ष में उनके आसन के ठीक पीछे टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाने से हुई थी। हालांकि यह तस्वीर वायरल होने के बाद कक्ष से यह तस्वीर हटा दी गई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का विवादित बयान
लेकिन इसी संबंध में पूछे गए एक सवाल पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जैसा शौर्य था, और उन्होंने स्वराज्य का जो विचार दिया, उन्हीं के नक्शेकदम पर चलकर बाद में टीपू सुल्तान ने भी अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई का ऐलान किया, और वह शौर्य दिखाने वाले एक योद्धा कहलाए।
उन्होंने टीपू सुल्तान की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह भारत के भूमिपुत्र थे, और उन्होंने किसी भी जहरीली या विकृत विचारधारा को अपने पास फटकने नहीं दिया। इसलिए शौर्य के प्रतीक के रूप में हम टीपू सुल्तान को छत्रपति शिवाजी के समकक्ष पाते हैं।
सपकाल का यह बयान आने के बाद एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान के बीच कोई समानता नहीं हो सकती।
फडणवीस का निशाना
शिवाजी महाराज ने स्वराज्य की स्थापना की थी, जो सभी धर्मों और जातियों के सम्मान पर आधारित था। दूसरी ओर, टीपू सुल्तान का इतिहास मंदिरों को तोड़ने और जबरन धर्मांतरण कराने के साक्ष्यों से भरा पड़ा है। ऐसे में दोनों की तुलना करना महाराष्ट्र और देश के गौरवशाली इतिहास के साथ भद्दा मजाक है।
फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के चलते कांग्रेस नेता इतने अंधे हो गए हैं कि उन्हें आततायी और लोक कल्याणकारी राजा के बीच का फर्क भी समझ नहीं आ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि महाराष्ट्र की जनता ऐसे अपमानजनक बयानों का जवाब आने वाले समय में जरूर देगी।
फडणवीस ने कहा कि भाजपा महापुरुषों के अपमान को चुपचाप नहीं सहेगी। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज हमारे आराध्य हैं। वे केवल महाराष्ट्र के नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र की अस्मिता के प्रतीक हैं। उनकी तुलना किसी ऐसे व्यक्ति से करना जिसका इतिहास विवादास्पद रहा हो, करोड़ों शिवभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना है।
भाजपा ने कांग्रेस से की माफी की मांग
इस विवाद के बाद प्रदेश भाजपा ने कांग्रेस से माफी की मांग की है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि कांग्रेस लगातार हिंदू भावनाओं और गौरवशाली मराठा साम्राज्य के इतिहास को नीचा दिखाने का प्रयास कर रही है। फिलहाल, फडणवीस के इस पलटवार के बाद महाराष्ट्र में \“इतिहास बनाम राजनीति\“ की यह जंग और तेज होने के आसार दिख रहे हैं।
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