search

250 ट्रक स्क्रैप और 2 करोड़ की GST डकार गया यह गैंग, शाहजहांपुर पुलिस ने ऐसे बिछाया गिरफ्तारी का जाल

LHC0088 2026-2-14 18:57:09 views 1251
  

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र



जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। बोगस फर्मों पर स्क्रैप का कारोबार करने वाले गिरोह के चार सदस्य शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिए गए। मुजफ्फरनगर निवासी सुमित उर्फ शिवओम पूर्वांचल के जिलों से स्क्रैप खरीदकर मुजफ्फरनगर में बेचता था। वहीं, दिल्ली का अखिलेश, गाजियाबाद निवासी विपिन व शामली का राहुल राणा उसका सहयोग करते थे। आरोपितों को पता रहता था कि कब किस मार्ग पर चेकिंग हो रही है, इसलिए बचते रहे। गिरोह अब तक 250 से अधिक ट्रकों से स्क्रैप बेचकर दो करोड़ रुपये की जीएसटी हड़प चुका है।

नवंबर 2025 में जीएसटी के सचल दल ने रोजा में स्क्रैप के तीन ट्रक पकड़े थे। चालकों के पास जो ई-वे बिल मिले, वो बिहार की प्रमोद इंटरप्राइजेज के नाम पर जारी थे, लेकिन जांच में फर्म फर्जी निकली। एसपी राजेश द्विवेदी ने विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित कर गैंग्स्टर सेल प्रभारी वीरेंद्र कुमार को जांच सौंपी थी।

शनिवार सुबह आरोपितों के पकड़े गए वाहनों के संबंध में सुभाष चौराहे के पास आने की जानकारी मिली, जिस पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में बताया कि यह लोग फेसबुक व इंस्टाग्राम पर नौकरी का विज्ञापन निकालते थे। फिर इंटरव्यू के लिए आधार, पैन कार्ड, फोटो आदि मांग लेते थे। उसके बाद कमी बताकर आवेदन निरस्त की सूचना देते। जो प्रपत्र इनके पास होते थे, उन पर यह लोग बोगस फर्म बना लेते थे।

अधिकांश फर्म बिहार के लोगों के नाम पर बनाईं। ताकि यूपी व दिल्ली पुलिस की नजर में न आएं। प्रमोद इंटरप्राइजेज के नाम से ही 11 फर्में बनाईं गईं थीं। ब्रदर्स लाजिस्टिक नाम से वाट्सएप ग्रुप से चारों जुड़े थे। सुमित महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर आदि जिलों से स्क्रैप खरीदकर मुजफ्फरनगर में बेचता था। अखिलेश का दिल्ली में विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट था, जो घाटे में बंद हो गया।

सुमित उसे ट्रकों के नंबर देता, जिस पर वह बिल्टी जारी कर देता। विपिन इन पर साइन करता था। जबकि राहुल फर्जी ई-वे बिल बनाता था। इसके बाद सुमित व राहुल चालकों को बिल व बिल्टी वाट्सएप पर भेज देते थे। इन लोगों को सचल दल की चेकिंग की पूरी जानकारी रहती थी अखिलेश व विपिन चालकों को बताते रहते थे कि कब किस मार्ग से ट्रक ले जाना है।
एक ट्रक पर बचते थे 60 हजार

सुमित प्रति टन स्क्रैप पर राहुल को 400, विपिन व अखिलेश को 300-300 रुपये देता था। स्क्रैप पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है। एक ट्रक में औसतन 10 से 11 टन स्क्रैप आता है। इस तरह से एक ट्रक पर 60 हजार जीएसटी चोरी होती थी।

जिस कार से आरोपित यहां आए वह सुमित ने इस फर्जीवाड़े की रकम से ही खरीदी। रायबरेली के सरैनी निवासी अखिलेश वर्तमान में दिल्ली के स्वरूपनगर में रहता है। जबकि गाजियाबाद निवासी विपिन मूलरूप से बदायूं का रहने वाला है। विपिन पर गाजियाबाद में शस्त्र अधिनियम व चोरी की प्राथमिकी दर्ज है।
यह है पूरा मामला

राज्यकर विभाग के सचल दल ने 28 व 29 नवंबर 2025 को लखीमपुर मार्ग पर तीन ट्रक पकड़े थे। जिनमें पटना की प्रमोद इंटरप्राइजेज फर्म से 27 नवंबर को हरिद्वार की आशीष इंटरप्राइजेज फर्म को स्क्रैप भेजना दर्शाया गया था। जब जांच की तो फर्म बोगस निकली। आशीष इंटरप्राइजेज के स्वामी अनिल कुमार गुप्ता ने भी कोई माल खरीदने से इन्कार किया।

इस मामले में 11 दिसंबर को जीएसटी विभाग के लिपिक विकास भारती ने चालक मुजफ्फरनगर के मेहरबान, बिहार के चंपारण के केश्वर कुमार व नंदलाल भगत के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कराई थी। बाद में सुमित ने यहां आकर 12 लाख जीएसटी व अर्थदंड अदा किया था। नवंबर में ही गिरोह के बरेली में दो, खीरी, बहराइच, आजमगढ़ में एक-एक ट्रक और पकड़ा गया था।




यह भी पढ़ें- शाहजहांपुर में छेड़छाड़ के आरोपी को महिला ने सरेराह दी रूह कंपा देने वाली सजा, सन्न रह गया पूरा गांव
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
167126