राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विधान सभा में शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सरकार के सहयोगी दलों के नेता और विपक्ष के दलीय नेताओं ने अपनी बात रखी। सरकार में शामिल दलों के नेताओं ने अभिभाषण का समर्थन किया तो विपक्ष के नेताओं ने इसका विरोध किया।
खास बात यह रही कि एनडीए में शामिल अपना दल (एस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री आशीष पटेल की जुबान फिसली और वह विपक्ष की तरह अभिभाषण को झूठ का पुलिंदा बोल गए, हालांकि बाद में इसे सुधारते हुए समर्थन की बात कही।
आशीष ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब जेवर को मिलाकर यूपी में पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हो गए हैं। कौशल विकास, गन्ना मूल्य भुगतान व एक्सप्रेसवे अब बदलते यूपी की पहचान हैं।
रालोद विधायक दल के नेता राजपाल बालियान ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के उत्थान का काम कर रही है।
सुभासपा अध्यक्ष व मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि विपक्ष सिर्फ पीडीए की बात कर रहा है। इन्हें पीडीए का सही फार्मूला बताना चाहिए। वर्ष 2013 में हाईकोर्ट ने ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण को तीन हिस्सों में बांटने का आदेश दिया था, तब सपा सरकार ने कुछ नहीं किया।
संजय निषाद ने मछुआ आरक्षण पर सपा को कहा बेईमान
निषाद पार्टी के अध्यक्ष व मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि भाजपा ने निषाद राज के वंशजों को गले लगाने का काम किया है। मछुआ आरक्षण पर पर मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को पत्र लिखने का काम किया।
उन्होंने कहा कि दाहिने बैठे लोग (सपा सदस्यों की तरफ इशारा करते हुए) बेईमान हैं। मछुआ समाज अनुसूचित जाति में था, वर्ष 2016 में इनकी सरकार ने शासनादेश जारी कर पिछड़ों में शामिल करने का काम किया।
कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता अराधना मिश्रा मोना ने कहा कि सरकार रोजगार पर श्वेत पत्र जारी करे। सपा सदस्य शिवपाल सिंह यादव द्वारा प्रस्तुत विरोध प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यह आउटसोर्सिंग सरकार है, डाक्टरों तक की भर्तियां संविदा पर की जा रही हैं। विभागों में 11 लाख से अधिक संविदा//आउटसोर्स कर्मी कार्यरत हैं। सरकार 50 लाख करोड़ रुपये निवेश का दावा कर रही है जबकि तीन वर्ष में 2.37 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव ही स्वीकृत हुए हैं।
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