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GRAP प्रतिबंधों से थमा सौंदर्यीकरण, अब मार्च 2026 तक निखरेंगे दिल्ली के गोलचक्कर

Chikheang 1 hour(s) ago views 681
  

दिल्ली में गोलचक्करों के सुंदरीकरण की डेडलाइन बढ़ी। (AI Generated Representational Image)



राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए गए \“\“ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान\“\“ (ग्रेप) के प्रतिबंधों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की विकास योजनाओं पर भी ब्रेक लगा दिया है।

प्रदूषण से जुड़े कड़े नियमों के चलते पीडब्ल्यूडी की महत्वाकांक्षी \“\“गोलचक्कर सुंदरीकरण परियोजना\“\“ समय पर पूरी नहीं हो सकी है। अब सरकार ने इस परियोजना को पूरा करने की नई समय सीमा मार्च 2026 तय की है।
क्या है परियोजना?

दिल्ली सरकार ने पिछले साल नवंबर में शहर के सुंदरीकरण के उद्देश्य से 40 से अधिक प्रमुख गोलचक्करों को नया रूप देने की घोषणा की थी।

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परियोजना के तहत इन गोलचक्करों पर कलात्मक लैंडस्केपिंग, आधुनिक लाइटिंग सिस्टम, मूर्तियों की स्थापना, भित्ति चित्र और थीम-आधारित हरियाली विकसित की जानी है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी की दृश्य पहचान को समृद्ध करना और इसे एक आधुनिक शहर के रूप में पेश करना है।
प्रदूषण और सुरक्षा की चुनौती

पीडब्ल्यूडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, \“हमारा लक्ष्य इस साल जनवरी के अंत तक सभी 40 से अधिक गोलचक्करों का काम पूरा करना था। लेकिन ग्रेप प्रतिबंधों के कारण निर्माण कार्य कई दिनों तक ठप रहा। इस वजह से परियोजना की समयसीमा को थोड़ा आगे बढ़ाना पड़ा है।\“

अधिकारी ने आगे बताया कि निर्माण कार्य में हो रही देरी के अलावा, एक और बड़ी चिंता स्थापित की जा रही महंगी वस्तुओं की सुरक्षा है। हाल ही में वरिष्ठसरकारी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस विषय पर चर्चा की गई। पीडब्ल्यूडी को अक्सर चोरी और तोड़फोड़ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
चोरी की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

अधिकारियों ने स्वीकार किया कि परियोजनाओं को पूरा करने के कुछ ही महीनों के भीतर चोरी, स्वच्छता और रखरखाव के मुद्दे सामने आते हैं। अतीत में, प्रमुख स्थानों पर बिजली के पुर्जों, लोहे की ग्रिल की चोरी और बागवानी की वस्तुओं को नुकसान पहुँचाने की घटनाएं सामने आई हैं।

इससे पहले प्रगति मैदान सुरंग के अंदर महंगी चीजों की चोरी, फुट ओवरब्रिज पर एस्केलेटर के पुर्जों और मथुरा रोड पर म्यूजिकल फाउंटेन के बिजली के तारों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं से सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है।

अधिकारियों का मानना है कि इन संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एक ठोस नीतिगत निर्णय लेने की आवश्यकता है। फिलहाल पीडब्ल्यूडी का पूरा ध्यान अब मार्च के अंत तक इस सौंदर्यीकरण कार्य को सुरक्षित तरीके से संपन्न करने पर है।

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