प्रतीकात्मक तस्वीर
संवाद सूत्र, जागरण प्रयागराज। ग्राम पंचायत गौरा में गुरुवार को पति-पत्नी के बीच हुए विवाद में पत्नी ने सिंदूर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात पति ने कमरे के अंदर पंखे से फंदे पर लटककर खुदकुशी कर ली। शुक्रवार सुबह जानकारी होने पर ग्रामीणों ने काैंधियारा पुलिस को सूचना दी। पुलिस व फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की।
गौरा गांव निवासी विद्याकांत तिवारी मुंबई में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके दोनों बेटे जितेंद्र व 32 वर्षीय सत्येंद्र तिवारी भी मुंबई में उनके साथ रहकर काम करते थे। हालांकि, गांव में सत्येंद्र व जितेंद्र का परिवार अलग रहता है। एक सप्ताह पूर्व सत्येंद्र गांव आया था। वह नशा करता था।
पत्नी भारती उसे मना करती थी, जिस कारण विवाद होता था। सोमवार को भी दोनों में विवाद हुआ तो मामला थाने तक पहुंच गया था। जहां दोनों में बातचीत के बाद सुलह हो गया था। गुरुवार को दोपहर बाद दोनों के बीच पुन: विवाद हुआ तो भारती ने सिंदूर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची कौंधियारा पुलिस भारती को सत्येंद्र की मां गंगा देवी के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई और भर्ती कराया।
प्राथमिक इलाज के बाद भारती को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया गया। रात में सत्येंद्र की 11 वर्षीय बेटी भूमि एवं सात वर्षीय बेटा प्रथम अपने ताऊ जितेंद्र के घर चले गए। घर में सत्येंद्र अकेले थे और कमरे के अंदर पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
शुक्रवार सुबह कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर लोगों ने ऊपर से देखा तो सत्येंद्र का शव फंदे से लटक रहा था। यह देखकर स्वजन में कोहराम मच गया। पुलिस को सूचना देकर दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतरा गया। सत्येंद्र की मौत हो चुकी थी। जानकारी होने पर पत्नी व मां भी अस्पताल से घर आ गईं।ॉ पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा ने बताया कि सोमवार को हुआ विवाद संज्ञान में नहीं है। गुरुवार को दंपती के बीच घरेलू विवाद हुआ था, जिस पर भारती ने सिंदूर खा लिया था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सत्येंद्र ने खुदकुशी की है। अभी तक की जांच में यही सामने आया है कि घरेलू विवाद के चलते ही उसने यह कदम उठाया है। |
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