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झारखंड हाई कोर्ट। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट की खंडपीठ में हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति की राज्यस्तरीय मेरिट लिस्ट की जांच के लिए बने आयोग के एकल पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली अपील याचिका पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद अदालत ने इसके लिए दोनों पक्षों को हाई कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त जज से संपर्क कर कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया है।
इस मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी। एकलपीठ ने एक सितंबर 2025 को जेएसएससी का मेरिट लिस्ट की जांच के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस डॉ. एसएन पाठक का एक सदस्यीय आयोग का गठन कर मेरिट लिस्ट की जांच करने को कहा था।
लेकिन जस्टिस पाठक ने इसमें असमर्थता जताई और आयोग में शामिल होने से इनकार कर दिया था। शुक्रवार को खंडपीठ ने वादी और प्रतिवादी को किसी दूसरे जज से संपर्क कर कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया।
बता दें कि हाई कोर्ट की एकलपीठ ने मीना कुमारी एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग का गठन कर इसकी जांच करने का निर्देश दिया था। इस आदेश को सरकार और जेएसएससी ने खंडपीठ में चुनौती दी है।
इसमें कहा गया है कि एकल पीठ के का आदेश उचित और नियम सम्मत नहीं है। आदेश को निरस्त कर दिया जाए।जेएसएससी ने याचिका के माध्यम से लगभग 50 बिंदुओं को अदालत के समक्ष रखा है।
जिसमें कहा है कि प्रार्थी ने कहा है कि कम अंक वाले को चयनित किया गया है और अधिक अंक वाले को चयनित नहीं किया गया है, यह गलत है।
बता दें कि मीना कुमारी एवं अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई है। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2016 में हाई स्कूल शिक्षक की नियुक्ति के लिए जारी राज्यस्तरीय मेरिट में त्रुटि है। उनसे कम अंक प्राप्त करने वालों को हाईस्कूल शिक्षक के रूप में नियुक्ति की गई है।
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