कमरूद्दीन सात साल से लोनी में मजार में रहता था। जागरण
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद (गाजियाबाद)। दिल्ली पुलिस द्वारा तीन लोगों की मौत मामले में गिरफ्तार किया गया कमरूद्दीन पिछले सात साल से लोनी में विजयनगर फेस-2 में जैतून अब्बासिया मस्जिद के पास एक मजार में रह रहा था।
कमरूदीन के पिता का नाम नसरूद्दीन है और वह मूल रूप से फिरोजाबाद का रहने वाला है। मजार के अंदर रहकर ही वह टोना टोटका करता था। परिवार में पांच बेटे समीउनुद्दीन, भल्लू, अमरूद्दीन, चमन व राजू हैं। जिनमें तीन फिरोजाबाद में रहते हैं और अमरूद्दीन व राजू कमरूद्दीन के साथ रहते हैं। इनके साथ राजू की पत्नी शाहीन भी रहती है।
फिरोजाबाद में रहती है कमरूद्दीन की पत्नी
अमरूद्दीन घर के पास बिस्मिला होटल चलाता है, जबकि राजू रिक्शा चालक है। कमरूद्दीन की पत्नी शायरा, जेठानी अफरोज, नंद शबनम भी फिरोजाबाद में रहते हैं। जिस मकान में कमरूद्दीन ने मजार बनाई है, वहां के आसपास करीब 15 सौ की आबादी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कमरूद्दीन आस पड़ोस के लोगों से वास्ता नहीं रखता था। वह अमूमन मजार के भीतर ही रहता था।
विजिटिंग कार्ड हुआ बरामद
पुलिस का कहना है कि अभी कमरूद्दीन का पूर्व का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। उसके पास से दिल्ली पुलिस ने एक विजिटिंग कार्ड बरामद किया है, जिसमें उसका नाम हजरत सूफी कमरूद्दीन मियां लिखा है।
इसके साथ ही उसके कार्ड पर हर मर्ज की दवा सल्ले अला, हर दर्द की दवा सल्ले अला, मोहम्मद के शहर में लिखा है। इस कार्ड में उसका पता राशिद अली गेट, गढ़ी शब्लू रोड, अशोक विहार पानी की टंकी के आगे, जिले के ट्यूबवेल के पीछे, लोनी लिखा है।
यह भी पढ़ें- ट्रिपल मर्डर का आरोपी तांत्रिक कौन? बचने के लिए लगाया था शातिर दिमाग; अब पुलिस की जांच में खुली क्राइम कुंडली
कमरूद्दीन के बारे में जानकारी जुटा रही पुलिस
दिल्ली पुलिस से जानकारी मिलने के बाद लोनी पुलिस अभी कमरूद्दीन के बारे में जानकारी जुटा रही है। कमरूद्दीन की बहू शाहीन ने बताया कि आठ फरवरी की रात करीब एक बजे पुलिस उनके तीनों जेठ, सास, नंद व जेठानी को फिरोजाबाद से लेकर लोनी पहुंची और उनके पति, ससुर व देवर को अपने साथ जरूरी काम बताते हुए घर से ले गई। इसके बाद से अब तक उन्हें नहीं छोड़ा है। |