जागरण संवाददाता, चित्रकूट। रानीपुर बाघ संरक्षण फाउंडेशन को सरकार ने अपने बजट में 50 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। यह वित्तीय प्रविधान बाघों के संरक्षण और उनके आवास की सुरक्षा को मजबूती देने में अहम साबित होगा। फाउंडेशन के कोष में जमा इस धनराशि से मिलने वाले ब्याज का 20 से 30 प्रतिशत राशि सीधे रानीपुर टाइगर रिजर्व की निगरानी और संरक्षण कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
उप प्रभागीय वनाधिकारी राजीव रंजन सिंह ने बताया कि रानीपुर टाइगर रिजर्व में निगरानी तंत्र और संसाधनों को मजबूत किया जाएगा। वन बल के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके तहत आधुनिक गश्ती वाहन, संचार उपकरण, वाच टावर और नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी।
अंग्रेजों के जमाने की बनी पुरानी व जर्जर चौकियों की मरम्मत कर पेट्रोलिंग को सक्षम बनाया जाएगा। उनका मानना है कि यह पहल न केवल बाघ संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
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उन्होंने बताया कि रानीपुर टाइगर रिजर्व की स्थापना वर्ष 2023 में में हुई थी यह प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व है। रानीपुर बाघ संरक्षण फाउंडेशन विशेष कार्पस फंड के तहत रिजर्व के संरक्षण कार्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। राज्य सरकार का यह कदम चित्रकूट में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में बड़ा प्रोत्साहन साबित होगा। |
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