झारखंड में बिजली चोरी पर कड़ा प्रहार: 119 टीमों की सघन छापामारी, 1185 एफआईआर दर्ज
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए 10 और 11 फरवरी को राज्यव्यापी सघन छापेमारी अभियान चलाया। सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक चले इस अभियान में मुख्यालय स्तर से गठित 119 टीमों ने सभी सर्किलों में एक साथ कार्रवाई की। अभियान के दौरान स्थानीय पुलिस बल का भी सहयोग लिया गया।
निगम द्वारा जारी प्रतिवेदन के अनुसार कुल 8359 परिसरों की जांच की गई, जिनमें 1185 मामलों में विद्युत ऊर्जा की चोरी पकड़ी गई। संबंधित उपभोक्ताओं के विरुद्ध भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
17.09 लाख यूनिट बिजली चोरी का आकलन
अभियान के दौरान कुल 17.09 लाख यूनिट विद्युत ऊर्जा की चोरी का आकलन किया गया। इसमें 158.77 लाख रुपये की असेसमेंट राशि तथा 20.89 लाख रुपये की बकाया राशि मिलाकर कुल 179.66 लाख रुपये की वसूली योग्य राशि निर्धारित की गई है। निगम ने स्पष्ट किया है कि दोषियों से नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रांची, हजारीबाग और जमशेदपुर सर्किल में अधिक मामले
सर्किलवार आंकड़ों के अनुसार रांची सर्किल में सर्वाधिक 1049 परिसरों की जांच की गई, जिसमें 117 प्राथमिकी दर्ज हुईं और 23.16 लाख रुपये की कुल राशि निर्धारित की गई। हजारीबाग सर्किल में 500 छापेमारी के दौरान 141 मामले पकड़े गए और 22.68 लाख रुपये की राशि आंकी गई।
जमशेदपुर सर्किल में 847 जांच में 87 प्राथमिकी दर्ज करते हुए 21.09 लाख रुपये की वसूली योग्य राशि तय की गई। इसके अतिरिक्त साहिबगंज (105 एफआईआर), गिरिडीह (77 एफआईआर), चाईबासा (72 एफआईआर) और देवघर (75 एफआईआर) सर्किलों में भी बड़ी संख्या में बिजली चोरी के मामले सामने आए।
सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय
निगम प्रबंधन ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली चोरी की सूचना निगम को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इसके लिए उपभोक्ता व्हाट्सएप या संदेश के माध्यम से 94311-35515 पर जानकारी दे सकते हैं।
निगम के महाप्रबंधक ने कहा कि बिजली चोरी के खिलाफ आगे भी नियमित और सख्त अभियान जारी रहेगा। उन्होंने उपभोक्ताओं से वैध कनेक्शन का उपयोग करने और राज्य के राजस्व व विकास में सहयोग करने की अपील की। |
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