ड्रग्स तस्करी रैकेट में लिप्त छह गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। स्मैक और हाईब्रिड ड्रग्स की तस्करी करने वाले संगठित रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए एएनटीएफ लखनऊ और गीडा थाना पुलिस ने सोमवार सुबह छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दोपहर बाद सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार बरामद नशीले पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ 35 लाख रुपये है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग भारी मात्रा में नशीले पदार्थ लेकर गीडा क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर एएनटीएफ लखनऊ और गीडा पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई।
नौसढ़ में दो चार पहिया वाहनों को चिह्नित कर घेराबंदी की गई। वाहनों में सवार छह लोगों को मौके पर ही रोक लिया गया। तलाशी के दौरान अभियुक्तों के कब्जे से 770 ग्राम अवैध आर्गेनिक/हाइड्रोपोनिक बीड्स (ओसियन ग्रीन) तथा 1.025 किलोग्राम स्मैक/हेरोइन, आठ एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक लाख रुपये नकद बरामद हुए।
ड्रग्स की तस्करी में प्रयुक्त दोनों चार पहिया वाहनों को पुलिस ने सीज कर दिया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि बरामद नशीले पदार्थों को छोटे-छोटे पैकेटों में तैयार कर शहर और आसपास के इलाकों में सप्लाई करने की तैयारी थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ओसियन ग्रीन हाइड्रोपोनिक तकनीक से तैयार की जाने वाली हाईब्रिड किस्म की गांजा श्रेणी की ड्रग है, जिसमें नशे की क्षमता सामान्य गांजे से ज्यादा होती है। वहीं स्मैक या हेरोइन अत्यंत खतरनाक नशीला पदार्थ है, जिसकी लत तेजी से लगती है और इसके सेवन से जान का खतरा बना रहता है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में खजनी का साहिल उर्फ शमशाद अहमद, गोला बाजार के मिश्रौली निवासी श्याम मोहन यादव, देवरिया जिले के एकौना स्थित निबा निवासी संतोष पाण्डेय, गगहा के गजपुर निवासी जितेन्द्र गुप्ता, तिवारीपुर के सुभाष नगर सूरजकुण्ड निवासी राहुल दूबे तथा बेलीपार के मलाव निवासी मनोज चौरसिया शामिल हैं।
एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि ड्रग्स की सप्लाई चेन, इसके स्रोत और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच जारी है। गिरोह से जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई होगी। |
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