प्लास्टिक डोर से मासूम की मौत, शहरभर में रोष।
हरिंदर भल्ला, बाघापुराना। प्लास्टिक डोर के कारण एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत के बाद बाघा पुराना शहर में भारी रोष देखने को मिला। इस दुखद घटना के विरोध में शहर की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संस्थाएं एकत्र हुईं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए लाइफ लाइन वेलफेयर क्लब के प्रवक्ता रमणदीप अरोड़ा ने कहा कि भले ही प्लास्टिक डोर पर कानूनी रूप से प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन डोर बनाने, बेचने, सप्लाई करने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने के कारण ऐसी दुखद घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि आज जो दर्द एक माता-पिता सहन कर रहे हैं, वह दर्द कोई भी माता-पिता सहन नहीं कर सकता। समाज को अपने बच्चों को रोकने की आवश्यकता है और आसपास प्लास्टिक डोर के उपयोग को रोकने के लिए जागरूकता फैलानी चाहिए।
इस अवसर पर भाजपा के प्रवक्ता विजय शर्मा ने कहा कि केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सख्ती से क्रियान्वयन भी आवश्यक है। जो लोग प्लास्टिक डोर की तस्करी, बिक्री या उपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों को सूती डोर के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाए और प्लास्टिक डोर से होने वाले नुकसान के प्रति उन्हें जागरूक किया जाए।
यूथ अग्रवाल सभा के प्रवक्ता पवन गोयल ने प्रशासन से अपील की कि ड्रोन या अन्य तकनीकी साधनों के माध्यम से प्लास्टिक डोर के उपयोग वाले स्थानों की निगरानी की जाए और जड़ तक पहुंचकर दोषियों को सजा दी जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो शहर की सभी सामाजिक संस्थाएं मिलकर बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगी। उन्होंने मांग की कि लोगों की कीमती जानों को बचाने के लिए कानून को तुरंत और प्रभावी रूप से लागू किया जाए। |