अमेरिकी परिवारों से अरबों डालर की ठगी (प्रतिकात्मक फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वाशिंगटन में अमेरिकी सीनेटरों ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश करते हुए चेतावनी दी है कि चीन से जुड़े स्कैम नेटवर्क अमेरिकी परिवारों से अरबों डालर की ठगी कर रहे हैं।
सीनेट की \“एजिंग कमेटी\“ की सुनवाई के दौरान सीनेटरों ने इस खतरे को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बताया है। सीनेटर अब इस अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी और मानव तस्करी को रोकने के लिए एक द्विदलीय कानून लाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि विदेशी धरती से संचालित होने वाले इन \“दानवों\“ पर नकेल कसी जा सके।
सालाना 4.8 अरब डालर की लूट
सीनेट कमेटी के अध्यक्ष रिक स्काट ने बताया कि साल 2024 में एफबीआइ के आंकड़ों के अनुसार, बुजुर्ग अमेरिकियों ने धोखाधड़ी में 4.8 अरब डालर से अधिक की राशि गंवाई है। उन्होंने कहा कि यह कोई मामूली अपराध नहीं है, बल्कि दशकों की मेहनत से जमा की गई बचत को छीनने वाला एक \“चौंकाने वाला\“ आंकड़ा है।
रिपोर्ट \“एज आफ फ्राड\“ के मुताबिक, ये घोटालेबाज सेवानिवृत्त लोगों को निशाना बना रहे हैं, दशकों से जमा की गई उनकी बचत को चूना लगा रहे हैं और पूरे देश में परिवारों को तबाह कर रहे हैं। चीन की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सीनेटर स्काट ने आरोप लगाया कि चीन इन आपराधिक बुनियादी ढांचों को फलने-फूलने का मौका दे रहा है।
उन्होंने दावा किया कि ये नेटवर्क चीनी प्लेटफार्मों और भुगतान चैनलों पर निर्भर हैं और कई मामलों में इन्हें चीनी सरकार का समर्थन या मौन सहमति प्राप्त है। ये नेटवर्क म्यांमार, कंबोडिया और लाओस जैसे देशों में अपने ठिकाने बना रहे हैं।
मानव तस्करी और क्रिप्टो का जाल सुनवाई में यह तथ्य भी सामने आया कि इन ठगी के केंद्रों (स्कैम कंपाउंड्स) में काम करने वाले कई लोग स्वयं मानव तस्करी के शिकार हैं। उन्हें जबरन बंधक बनाकर रखा जाता है और अमेरिकी नागरिकों को ठगने के लिए मजबूर किया जाता है। ये गिरोह मुख्य रूप से क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करके धन का हस्तांतरण करते हैं, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए इनका पीछा करना कठिन हो जाता है। (समाचार एजेंसी आइएएनएस के इनपुट के साथ) |
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