प्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। सीबीएसई स्कूलों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए काउंसलर की नियुक्ति होगी। इसको लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बड़ा निर्णय लिया है। नए निर्देशों के तहत सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में अब काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है।
सीबीएसई ने अपने एफिलिएशन बायलॉज 2018 के क्लॉज 2.4.12 में संशोधन करते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है। नए नियमों के अनुसार प्रत्येक 500 विद्यार्थियों पर एक काउंसलिंग एवं वेलनेस टीचर की नियुक्ति जरूरी होगी। इसके साथ ही सभी स्कूलों में नियमित रूप से सोशल-इमोशनल काउंसलर की सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और करियर मार्गदर्शन को लेकर सीबीएसई का अहम फैसला लागू
सीबीएसई से जुड़े जिला के पदाधिकारी ने बताया कि छात्रों को विषय चयन, कोर्स विकल्प और भविष्य के करियर से संबंधित मार्गदर्शन देने के लिए हर स्कूल में करियर काउंसलर की व्यवस्था भी अनिवार्य की गई है। पहले यह प्रावधान केवल कक्षा 9 से 12 तक 300 से अधिक छात्रों वाले बड़े स्कूलों पर लागू था, जबकि छोटे स्कूलों को इससे छूट मिली हुई थी।
अब यह छूट समाप्त कर दी गई है। हालांकि छोटे स्कूलों को सुविधा देने के लिए सीबीएसई ने “हब एंड स्पोक माडल” लागू किया है, जिसके तहत बड़े स्कूल आसपास के छोटे स्कूलों को काउंसलिंग सेवाओं में सहयोग करेंगे।
बजट सत्र के दौरान गर्दनीबाग में दो दिवसीय धरना देंगे अतिथि शिक्षक
अतिथि शिक्षकों के सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के अतिथि शिक्षक संघों ने आंदोलन की रूपरेखा तय कर ली है। इस संबंध में आयोजित आनलाइन बैठक में निर्णय लिया गया कि 02 से 27 फरवरी तक चलने वाले बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान 16 एवं 17 फरवरी को पटना के गर्दनीबाग में दो दिवसीय धरना आयोजित किया जाएगा। टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. आनन्द आजाद ने बताया कि सभी विधायकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर समर्थन मांगा जाएगा। बैठक में कई विश्वविद्यालयों के अतिथि शिक्षक संघ के प्रतिनिधि शामिल रहे। |
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